वायरल वीडियो, ट्रोलिंग और फिर साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत, 4 घंटे बाद पोस्ट ने चौंकाया

Published : Jan 29, 2026, 12:02 PM IST

Sadhvi Prem Baisa death News: जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद चार घंटे बाद आया इंस्टाग्राम पोस्ट कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या सोशल मीडिया ट्रोलिंग और ब्लैकमेलिंग ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया? पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।

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साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत: चार घंटे बाद आए इंस्टाग्राम पोस्ट ने खड़े किए कई सवाल

जोधपुर से सामने आया यह मामला सिर्फ एक मौत की खबर नहीं है, बल्कि आस्था, सोशल मीडिया और मानसिक उत्पीड़न के उस खतरनाक त्रिकोण की कहानी है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। सनातन धर्म के प्रचार से जुड़ी साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद, जब उनके निधन के करीब चार घंटे बाद इंस्टाग्राम पर एक कथित सुसाइड पोस्ट सामने आया, तो यह मामला और भी गंभीर हो गया। सवाल सिर्फ उनकी मौत का नहीं है, बल्कि यह भी है कि क्या सोशल मीडिया ट्रोलिंग और मानसिक दबाव किसी को इस हद तक तोड़ सकता है।

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सोशल मीडिया पर सक्रिय साध्वी और वायरल वीडियो का विवाद

साध्वी प्रेम बाईसा बीते कुछ समय से सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय थीं। उनके धार्मिक विचारों और सनातन धर्म से जुड़े वीडियो बड़ी संख्या में वायरल हुए थे। इन्हीं वीडियो के बीच एक विवादित वीडियो सामने आया, जिसे लेकर साध्वी ने गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि यह वीडियो उनके पिता से जुड़ा हुआ था, जिसे एडिट कर गलत तरीके से सोशल मीडिया पर फैलाया गया।

साध्वी ने इस मामले में एक व्यक्ति पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया और बाद में उसके परिजनों ने साध्वी से माफी भी मांगी। साध्वी ने उस समय बड़ा हृदय दिखाते हुए आरोपी को माफ कर दिया था, लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ।

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जेल से बाहर आने के बाद फिर शुरू हुई ट्रोलिंग

आरोप है कि जेल से रिहा होने के बाद उसी व्यक्ति ने वीडियो को दोबारा एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद साध्वी प्रेम बाईसा को जबरदस्त ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियां, चरित्र पर सवाल और मानसिक दबाव—इन सबने साध्वी को अंदर से तोड़ दिया या नहीं, यही सवाल अब जांच के केंद्र में है।

यह भी अहम है कि साध्वी पहले ही सार्वजनिक रूप से मानसिक प्रताड़ना और सोशल मीडिया हमलों की बात कह चुकी थीं। इसके बावजूद क्या उन्हें पर्याप्त सुरक्षा और समर्थन मिल पाया, यह भी अब बहस का विषय बन चुका है।

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मौत के चार घंटे बाद आया कथित सुसाइड पोस्ट

साध्वी की मौत के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से जो पोस्ट सामने आया, उसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उन्होंने जीवन का हर पल सनातन धर्म के प्रचार के लिए समर्पित किया और अंतिम सांस तक सनातन उनके हृदय में रहा।

पोस्ट में यह भी उल्लेख था कि उन्होंने आदि जगतगुरु शंकराचार्य और देश के कई संत-महात्माओं को अग्नि परीक्षा के लिए लिखित निवेदन किया था, लेकिन प्रकृति को शायद कुछ और ही मंजूर था। अंत में उन्होंने न्याय मिलने की उम्मीद जताई—यदि जीवन में नहीं, तो मृत्यु के बाद।

हालांकि, इस पोस्ट की टाइमिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह पोस्ट पहले से शेड्यूल किया गया हो सकता है, जो साध्वी की मौत के बाद अपने आप सोशल मीडिया पर प्रकाशित हुआ। पुलिस अब इस तकनीकी पहलू की भी जांच कर रही है।

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आश्रम में हंगामा और पोस्टमार्टम को लेकर तनाव

साध्वी की मौत के बाद रात में आरती नगर स्थित आश्रम में भारी हंगामा देखने को मिला। स्थानीय लोगों और समर्थकों ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में कुछ तथ्यों को छुपाने की कोशिश की जा रही है। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई, जब साध्वी के पिता ने शुरुआत में पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और पोस्टमार्टम की मांग पर अड़ गए। इसके साथ ही आश्रम से सीसीटीवी फुटेज गायब होने के आरोप भी लगाए गए, जिसने संदेह को और गहरा कर दिया।

देर रात साध्वी के पार्थिव शरीर को महात्मा गांधी अस्पताल लाया गया, जहां आज पोस्टमार्टम किया जाना है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है—चाहे वह सोशल मीडिया ट्रोलिंग हो, ब्लैकमेलिंग का मामला हो या कथित सुसाइड पोस्ट की सत्यता।

फिलहाल, साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ने न केवल जोधपुर बल्कि पूरे राजस्थान में सनसनी फैला दी है। यह मामला अब सिर्फ एक साध्वी की मौत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया की जिम्मेदारी, मानसिक उत्पीड़न और न्याय व्यवस्था की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जांच के नतीजे क्या सामने लाते हैं, यह आने वाले समय में साफ होगा, लेकिन यह घटना समाज को एक गहरी सोच जरूर दे गई है।

Disclaimer: आत्महत्या किसी समस्या का हल नहीं है। अगर आपके मन में भी सुसाइड या खुद को चोट पहुंचाने जैसे ख्याल आ रहे हैं तो आप फौरन घर-परिवार, दोस्तों और साइकेट्रिस्ट की मदद ले सकते हैं। इसके अलावा आप इन हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करके भी मदद मांग सकते हैं। आसरा (मुंबई) 022-27546669, सुमैत्री (दिल्ली) 011-23389090, रोशनी (हैदराबाद) 040-66202000, लाइफलाइन 033-64643267 (कोलकाता)। मानसिक तनाव होने पर काउंसलिंग के लिए हेल्पलाइन नंबर 14416 और 1800 8914416 पर संपर्क कर घर बैठे मदद पा सकते हैं।

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