
Saharanpur Mosque Demolition: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित अवैध मस्जिद को प्रशासन ने कोर्ट के आदेश के बाद 5 सितंबर को ध्वस्त कर दिया। हालांकि, इसके बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच, सहारनपुर और मुजफ्फरपुर में कुछ अज्ञात लोगों ने दंगा भड़काने वाले विवादित पोस्टर लगाकर माहौल और ज्यादा खराब कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने कई नेताओं को सहारनपुर पहुंचने से पहले ही रोक दिया।
विपक्षी नेताओं के सहारनपुर पहुंचने से एक दिन पहले रविवार सुबह बड़े अस्पताल पुल पर विवादित पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टरों पर लिखा था- ‘ना भूले थे, ना भूले हैं, ना भूलेंगे, मुजफ्फरनगर दंगा।’ पोस्टर के नीचे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर भी लगाई गई थी। पोस्टर सामने आते ही पुलिस ने उन्हें तत्काल वहां से हटवा दिया। अब पुलिस पोस्टर लगाने वालों की पहचान करने में जुटी है। इसके लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पोस्टर किसने लगाए और इन्हें लगाने के पीछे किसकी भूमिका थी।
सहारनपुर मस्जिद मामले को लेकर सपा ने 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया था। सरधना विधायक अतुल प्रधान भी इस प्रतिनिधिमंडल के साथ सहारनपुर जाने वाले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें उनके घर पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया। इस प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य मस्जिद ध्वस्तीकरण वाली जगह की स्थिति का जायजा लेना और मामले से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करना था।
मुजफ्फरनगर के सपा सांसद हरेंद्र मलिक को भी सोमवार को उनके प्रेमपुरी स्थित आवास पर नजरबंद कर दिया गया। उन्हें सहारनपुर जाने वाले सपा के 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल होना था। यह प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण के मामले की जांच करने और मंडलायुक्त से मुलाकात करने के लिए सहारनपुर जाने वाला था। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य मौके पर जाकर स्थिति देखने के साथ ही पूरे मामले से जुड़ी जानकारी जुटाने वाले थे।
हाउस अरेस्ट किए जाने के बावजूद सपा के राष्ट्रीय महासचिव और मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक पुलिस को चकमा देकर सहारनपुर पहुंच गए। उनके साथ सपा के मुजफ्फरनगर जिलाध्यक्ष जिया चौधरी भी मौजूद हैं। मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद विपक्षी नेता पहले से ही प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में सपा प्रतिनिधिमंडल के सहारनपुर पहुंचने से पहले नेताओं को रोके जाने के बाद राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है।
मुजफ्फरनगर में भी दंगे के 13 साल पूरे होने के मौके पर शहर के कई हिस्सों में होर्डिंग लगाए गए हैं। इन होर्डिंग पर लिखा गया-‘न भूले थे, न भूले हैं... न भूलेंगे।’ रोडवेज बस स्टैंड समेत शहर के कई प्रमुख स्थानों पर यह सामग्री लगाई गई है। पुलिस इन होर्डिंग को लगाने वालों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की मदद ले रही है और आरोपियों की तलाश कर रही है।
मस्जिद प्रकरण को लेकर अधिकारियों से मिलने जा रहे सपा प्रतिनिधिमंडल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई बड़े नेता शामिल हैं। पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल कई नेताओं को उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया। इन नेताओं में सांसद इकरा हसन, सांसद हरेंद्र मलिक, सपा के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रुद्रसेन, पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान, विधायक अतुल प्रधान, विधायक आशु मलिक और विधायक उमर अली खान समेत अन्य नेता शामिल हैं।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।