यूपी के संभल में अनोखा रेलवे फाटक: न गेट-न बैरियर, रेलकर्मी खुद करता है क्रॉसिंग बंद-WATCH

Published : Feb 27, 2026, 11:48 AM IST

Sambhal Railway Crossing: संभल की एक रेलवे क्रॉसिंग का वीडियो वायरल हो रहा है, जहां रेलकर्मी ट्रेन से उतरकर रस्सी बांधता है और उसी से फाटक का काम लिया जाता है। ट्रेन पार होने के बाद वह फिर ट्रेन में चढ़ जाता है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे हैं सवाल।

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ट्रेन से उतरे, रस्सी बांधी, ट्रेन पार कराई, फिर ट्रेन में चढ़ गए

आज के समय में जब रेलवे सिस्टम ऑटोमैटिक सिग्नल और इलेक्ट्रॉनिक बैरियर से लैस हो चुका है, तब उत्तर प्रदेश के संभल जिले से आया एक वीडियो लोगों को हैरान कर रहा है। यहां एक ऐसी रेलवे क्रॉसिंग दिखी, जहां न लोहे का फाटक है और न कोई ऑटोमैटिक सिस्टम। ट्रेन रुकती है, रेलकर्मी उतरता है, रस्सी बांधता है, ट्रेन पार कराता है और फिर वापस उसी ट्रेन में चढ़ जाता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने सुरक्षा इंतजामों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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क्या है पूरा मामला?

यह वीडियो उत्तर प्रदेश के संभल जिले की एक रेलवे क्रॉसिंग का बताया जा रहा है। आमतौर पर जब किसी क्रॉसिंग से ट्रेन गुजरती है, तो लोहे के गेट नीचे गिर जाते हैं या ऑटोमैटिक बैरियर सक्रिय हो जाते हैं। इससे सड़क पर चल रहे वाहन और लोग सुरक्षित दूरी पर रुक जाते हैं। लेकिन इस क्रॉसिंग पर ऐसा कोई इंतजाम नहीं दिखता। यहां ट्रेन के आने की सूचना देने के लिए एक साधारण रस्सी का इस्तेमाल किया जाता है।

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कैसे काम करती है ‘रस्सी वाली क्रॉसिंग’?

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि ट्रेन बहुत धीमी रफ्तार से क्रॉसिंग की ओर बढ़ती है। ट्रेन रुकती नहीं, बल्कि धीरे-धीरे आगे बढ़ती रहती है। इसी दौरान ट्रेन के साथ चल रहा एक रेलकर्मी नीचे उतरता है। उसके हाथ में एक लंबी रस्सी होती है। वह रस्सी को सड़क के एक छोर से दूसरे छोर तक खींचकर बांध देता है। यही रस्सी अस्थायी फाटक का काम करती है। सड़क पर मौजूद लोग और वाहन इस रस्सी को देखकर रुक जाते हैं। ट्रेन इतनी धीमी चलती है कि रेलकर्मी रस्सी संभालते हुए उसके साथ-साथ चलता रहता है। जैसे ही ट्रेन पूरी तरह क्रॉसिंग पार कर लेती है, वह रस्सी खोलकर समेटता है और फिर दोबारा ट्रेन में चढ़ जाता है।

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सुरक्षा पर उठे सवाल

यह तरीका देखने में जितना अनोखा है, उतना ही चौंकाने वाला भी। अब लोग सवाल कर रहें हैं, कि क्या यह व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित है? अगर किसी कारण से वाहन चालक रस्सी को न देख पाए या भीड़ ज्यादा हो जाए तो क्या होगा? आमतौर पर ऐसे स्थानों को ‘अनमैंड’ या सीमित संसाधन वाली क्रॉसिंग माना जाता है, जहां स्थायी फाटक या गेटमैन की नियुक्ति नहीं होती। हालांकि रेलवे की ओर से समय-समय पर ऐसी क्रॉसिंग को बंद करने या ओवरब्रिज/अंडरपास में बदलने की योजनाएं चलाई जाती रही हैं।

फिलहाल इस वीडियो को लेकर रेलवे प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इस व्यवस्था को लेकर बहस छिड़ गई है।

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सोशल मीडिया पर क्या कह रहे लोग?

वीडियो सामने आने के बाद लोग हैरानी जता रहे हैं कि डिजिटल और हाईटेक दौर में भी ऐसी व्यवस्था क्यों है। कुछ लोग इसे जुगाड़ बता रहे हैं, तो कुछ इसे जोखिम भरा तरीका कह रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि अगर ट्रेन की रफ्तार थोड़ी भी ज्यादा हो जाए या कोई वाहन जल्दबाजी करे, तो बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि कम ट्रैफिक वाले ग्रामीण इलाकों में इस तरह की अस्थायी व्यवस्था अभी भी देखने को मिलती है।

(नोट: यह रिपोर्ट वायरल वीडियो और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। आधिकारिक पुष्टि या रेलवे विभाग की प्रतिक्रिया आने पर तथ्य अपडेट किए जा सकते हैं।)

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