केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 12 राज्यों के लिए 10,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की पहली किस्त जारी की है। इस पैसे से ग्रामीण इलाकों में गरीबों के लिए पक्के घर बनाए जाएंगे।
नई दिल्ली: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को 12 राज्यों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) की पहली किस्त जारी कर दी है। यह किस्त वित्त वर्ष 2026-27 के लिए है। चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए 10,021.42 करोड़ रुपये की 'मदर सैंक्शन' जारी की। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी भी मौजूद थे।
किस राज्य को मिलेगा कितना पैसा
मदर सैंक्शन' एक तरह की बड़ी वित्तीय मंजूरी होती है, जो केंद्र सरकार किसी योजना के लिए साल की शुरुआत में देती है। इससे राज्यों को यह पता चल जाता है कि उन्हें कुल कितना पैसा मिलेगा और फिर ज़रूरत के हिसाब से फंड जारी किया जाता है।
केंद्र सरकार का लक्ष्य इस कदम के ज़रिए ग्रामीण भारत में बेघर लोगों को 'पक्का' घर मुहैया कराना है।
हर गरीब का घर होगा पक्का
इस मौके पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "प्रधानमंत्री जी का संकल्प है कि हर गरीब का एक पक्का घर हो। इसी को पूरा करने के लिए 2016 से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के ज़रिए हर बेघर को पक्का मकान देने का अभियान चल रहा है।"
योजना की प्रगति के बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा कि ग्रामीण आवास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई हैं।
उन्होंने बताया, "इस योजना के तहत हमने ग्रामीण इलाकों में 3.91 करोड़ घरों को मंजूरी दी है, जिनमें से 3.5 करोड़ से ज़्यादा घर बन भी चुके हैं। शहरी आवास योजना के तहत बने घर इससे अलग हैं।"
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुए इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य, राजस्थान के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, असम के मंत्री अतुल बोरा और झारखंड की मंत्री दीपिका पांडे भी शामिल हुईं। इनके अलावा, ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कंसल और केंद्र व राज्यों के कई बड़े अधिकारी भी मौजूद थे।
केंद्रीय मंत्री ने राज्यों की तरफ से किए जा रहे नए-नए प्रयोगों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने हेल्पलाइन, शिकायत निवारण सिस्टम, बारिश के पानी को बचाने (रेनवाटर हार्वेस्टिंग) और स्वयं सहायता समूहों के ज़रिए रोज़गार बढ़ाने जैसे अच्छे काम किए हैं, जिनसे योजना के लक्ष्य जल्दी पूरे हो रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण का ज़िक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि PMAY-G के तहत करीब 75% घर या तो महिलाओं के नाम पर हैं या फिर संयुक्त मालिकाना हक में हैं। इससे महिलाओं का सम्मान और सामाजिक सुरक्षा बढ़ी है।
चौहान ने कहा कि कुछ गरीब परिवारों के पास ज़मीन न होने की वजह से घर बनाने में दिक्कत आती है। ऐसे मामलों में राज्यों को खास पहल करके ज़मीन मुहैया करानी चाहिए और ज़रूरी मदद सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने राज्यों से पेंडिंग शिकायतों को जल्द निपटाने, चल रहे हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को जल्दी पूरा करने और जारी हुए फंड का सही समय पर इस्तेमाल करने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राज्यों ने 2024-25 और 2025-26 के लक्ष्यों के हिसाब से अब तक मंजूरी पूरी नहीं की है, जिसे 30 जून, 2026 तक पूरा कर लेना चाहिए।
PMAY-G योजना ग्रामीण भारत को बदलने की दिशा में लगातार काम कर रही है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी योग्य ग्रामीण परिवार पक्के घर से वंचित न रहे और हर परिवार को सम्मानजनक जीवन के लिए ज़रूरी बुनियादी सुविधाएं मिलें। (ANI)
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