CJP Protest: दिल्ली में प्रदर्शन पर पाबंदी? SC ने पूछा- जनता के अधिकारों का क्या होगा?

Published : Oct 09, 2026, 03:06 PM IST
supreme court cjp protest delhi metro train cancellations 10 october 2026

सार

CJP Protest 2026 से पहले दिल्ली में 57 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद करने और ट्रेनों के रद्द होने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। जानिए कोर्ट ने प्रदर्शन के अधिकार, आम लोगों की आवाजाही और दिल्ली पुलिस की पाबंदियों पर क्या कहा?

CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले दिल्ली में लगाई गई भारी पाबंदियों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं से तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि बिना आयोजकों का पक्ष सुने और पूरी जानकारी के बिना, वह आम नागरिकों की आवाजाही व बुनियादी सुविधाओं के अधिकार और प्रदर्शनकारियों के हक के बीच कैसे संतुलन बिठा सकता है? कोर्ट ने साफ किया कि उसे यह तय करने के लिए पूरी तस्वीर चाहिए कि आखिर इस प्रदर्शन के पीछे कौन लोग हैं और इसमें कितने लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

Supreme Court Hearing: आयोजकों और भीड़ की जानकारी क्यों मांगी?

  • सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से पूछा कि प्रदर्शन कौन आयोजित कर रहा है और इसमें कितने लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
  • कोर्ट के मुताबिक, दोनों पक्षों की बात और स्थिति समझे बिना हितों के बीच संतुलन बनाना मुश्किल है।
  • बेंच ने कहा कि लोगों को इकट्ठा होने और विरोध करने का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन कानून के दायरे में होना चाहिए।
  • सुनवाई में अदालत ने यह सवाल भी उठाया कि जब पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी, तो उस फैसले को चुनौती क्यों नहीं दी गई।
  • कोर्ट की टिप्पणी के मुताबिक, अनुमति न देने के फैसले को चुनौती दिए बिना पाबंदियों में राहत पर विचार करना मुश्किल है।

Delhi Metro News: 57 स्टेशनों के गेट बंद करने का प्रस्ताव

  • कपिल सिब्बल ने दिल्ली पुलिस के उस अनुरोध का मुद्दा उठाया, जिसमें 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने तथा कुछ स्टेशनों पर ट्रेन की फ्रीक्वेंसी घटाने की बात थी।
  • यह पुलिस का प्रस्ताव था; इसे सभी स्टेशनों पर गेट बंद होने की पुष्टि के रूप में नहीं समझना चाहिए।
  • रेलवे ने 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे तक नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों पर आने-जाने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया।
  • यात्रियों को अपनी ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी गई।

Kapil Sibal vs Tushar Mehta: कोर्ट में क्या हुई बहस?

  • सिब्बल ने पाबंदियों से यात्रियों और आम लोगों को होने वाली परेशानी पर सवाल उठाए। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जवाब दिया, “यह हमारा देश है।”
  • सिब्बल ने स्पष्ट किया कि उनका आशय देश पर दोनों के समान अधिकार से था।
  • प्रशांत भूषण और गोपाल शंकरनारायणन ने भी पाबंदियों पर चिंता जताई। उनका तर्क था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
  • सिब्बल ने दिल्ली की सीमाओं पर जांच, सुरक्षा बलों की तैनाती और हिरासत केंद्रों की तैयारियों का मुद्दा भी उठाया।

CJP Protest: क्यों हो रहा है प्रदर्शन?

  • CJP ने चुनाव आयोग की मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया में बदलाव की मांग की है।
  • दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। इसी फैसले और आवाजाही पर उठे सवालों के बीच मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
  • रेलवे ने ट्रेनें रद्द कीं, जबकि 57 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद करने का मामला पुलिस के अनुरोध के रूप में रिपोर्ट किया गया था।
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शन की अनुमति न देने के फैसले को चुनौती दिए बिना पाबंदियों में ढील पर विचार करना मुश्किल है।
  • अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि बिना अनुमति प्रदर्शन कानून के अनुरूप नहीं होगा।

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