
amil Nadu Assembly: तमिलनाडु की राजनीति में परिसीमन को लेकर बहस तेज हो गई है। राज्य विधानसभा ने केंद्र सरकार की प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया है। प्रस्ताव के जरिए राज्य ने स्पष्ट किया है कि वह लोकसभा सीटों के संभावित पुनर्वितरण को लेकर चिंतित है। तमिलनाडु सरकार का तर्क है कि सीटों के बंटवारे में सिर्फ जनसंख्या को आधार बनाने से उन दक्षिणी राज्यों को नुकसान हो सकता है, जिन्होंने लंबे समय से जनसंख्या नियंत्रण के प्रयासों को सफलतापूर्वक लागू किया है।
राज्य सरकार की मुख्य चिंता यह है कि परिसीमन के बाद जनसंख्या के आधार पर लोकसभा सीटों का पुनर्निर्धारण हुआ तो दक्षिणी राज्यों का संसद में प्रतिनिधित्व घट सकता है। तमिलनाडु का कहना है कि जिन राज्यों ने परिवार नियोजन और जनसंख्या नियंत्रण जैसे लक्ष्यों को हासिल किया, उन्हें इसके लिए राजनीतिक नुकसान नहीं उठाना चाहिए। सरकार इसे जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों के लिए अनुचित स्थिति के तौर पर देखती है।
प्रस्ताव में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है कि जनसंख्या नियंत्रण को सीटों के पुनर्वितरण का आधार बनाने से राज्यों को गलत संदेश जा सकता है। तमिलनाडु का तर्क है कि राज्यों ने राष्ट्रीय लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित किया है। ऐसे में यदि कम आबादी के कारण उनका संसद में प्रतिनिधित्व कम होता है तो यह उनके बेहतर प्रदर्शन को नुकसान पहुंचाने जैसा होगा। इसी वजह से राज्य ने परिसीमन को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
तमिलनाडु विधानसभा का प्रस्ताव सिर्फ परिसीमन तक सीमित नहीं है। इसमें लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए प्रस्तावित 33 प्रतिशत आरक्षण को लेकर भी महत्वपूर्ण मांग रखी गई है। राज्य सरकार का कहना है कि महिला आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन और जनगणना की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए। महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की गई है।
तमिलनाडु की मांग है कि महिला आरक्षण को 2029 के लोकसभा चुनाव से ही लागू किया जाए। इसके लिए लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को आधार बनाने का सुझाव दिया गया है। राज्य का कहना है कि महिला आरक्षण को लागू करने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। इससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में जल्द कदम उठाया जा सकता है।
तमिलनाडु विधानसभा का यह प्रस्ताव परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर केंद्र और राज्यों के बीच आगे की राजनीतिक बहस का आधार बन सकता है। एक तरफ केंद्र परिसीमन को लेकर आगे की प्रक्रिया पर विचार कर रहा है, वहीं तमिलनाडु ने मौजूदा सीटों और दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव और राज्य की मांगों पर क्या रुख अपनाती है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।