हज के बीच क्यों बदल गया ट्रंप का फैसला? ईरान पर हमले से पीछे हटने की INSIDE STORY

Published : May 21, 2026, 05:38 PM IST
Trump Delays Iran Strike as Saudi Arabia and UAE Push for Nuclear Deal Before Hajj

सार

Saudi Arabia Iran Conflict: हज से पहले अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते की कोशिश तेज हो गई है। सऊदी अरब और यूएई की सलाह पर ट्रंप ने हमले का फैसला टाल दिया। कतर की मध्यस्थता से मिडिल ईस्ट में नई कूटनीतिक हलचल शुरू हो गई है।

Iran-US Nuclear Deal: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्तों को लेकर एक बार फिर बड़ा कूटनीतिक मोड़ सामने आया है। कुछ दिन पहले तक ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई की चर्चा तेज थी, लेकिन अब दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। इस पूरे घटनाक्रम में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने आखिरी वक्त पर ईरान पर सैन्य कार्रवाई का फैसला टाल दिया और बातचीत का रास्ता चुना। माना जा रहा है कि यह बदलाव खाड़ी देशों की सलाह के बाद आया।

हज के दौरान जंग नहीं चाहता अरब जगत

मिडिल ईस्ट आई की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब और यूएई ने अमेरिका को स्पष्ट संदेश दिया कि हज यात्रा के दौरान किसी बड़े युद्ध की शुरुआत पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकती है। इस साल हज यात्रा 24 मई से शुरू हो रही है, जिसमें दुनियाभर से लाखों मुस्लिम श्रद्धालु सऊदी अरब पहुंचने वाले हैं। अरब देशों का तर्क था कि यदि इस दौरान ईरान पर हमला होता है, तो जवाबी कार्रवाई में खाड़ी क्षेत्र भी निशाने पर आ सकता है। ऐसी स्थिति में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक और तीर्थयात्री प्रभावित हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक सऊदी नेतृत्व ने वाशिंगटन को यह भी बताया कि हज जैसे धार्मिक मौके पर युद्ध छिड़ने से मुस्लिम देशों में अमेरिका की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।

यह भी पढ़ें: POK में किसने खत्म किया पुलवामा कनेक्शन वाला आतंकी हमजा बुरहान? हत्या से मचा हड़कंप

ईरान के जवाबी हमले का डर

रिपोर्ट्स के अनुसार सऊदी अरब और यूएई को आशंका थी कि यदि अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो तेहरान जवाबी कार्रवाई में रियाद और अबू धाबी जैसे बड़े शहरों को निशाना बना सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन क्षमता को काफी मजबूत किया है। ऐसे में खाड़ी देशों के लिए किसी भी क्षेत्रीय युद्ध का सीधा सुरक्षा और आर्थिक असर हो सकता है।

हज से पहले परमाणु समझौते की कोशिश तेज

अरबी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका अब हज से पहले एक अस्थायी परमाणु समझौता करने की कोशिश में जुटा है। बताया जा रहा है कि कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए ईरान को अमेरिका की ओर से एक प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव एक ज्ञापन यानी मेमोरेंडम के रूप में तैयार किया गया है, जिसमें शुरुआती सहमति बनाने की बात कही गई है। अगर इस पर सहमति बनती है, तो हज के बाद अमेरिका और ईरान के बीच विस्तृत बातचीत कराई जा सकती है।

ईरान किन शर्तों पर अड़ा है?

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी मीडिया ने अमेरिकी प्रस्ताव को “समझौता योग्य” बताया है, लेकिन कुछ मुद्दों पर अब भी बड़ा मतभेद बना हुआ है। बताया जा रहा है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई संवर्धित यूरेनियम को विदेश भेजने के पक्ष में नहीं हैं। ईरान का मानना है कि ऐसा करने से उसकी रणनीतिक स्थिति कमजोर हो सकती है। ईरान लगातार यह भी कहता रहा है कि उसके परमाणु कार्यक्रम का उद्देश्य सैन्य नहीं, बल्कि ऊर्जा और वैज्ञानिक विकास है।

रमजान और ईद के दौरान भी जारी रहा तनाव

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि फरवरी के आखिर में ईरान और इजराइल के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था। उस समय रमजान का महीना चल रहा था और क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ रही थीं। हालांकि इन घटनाओं को लेकर अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स और दावे सामने आते रहे हैं, लेकिन मिडिल ईस्ट में उस दौरान हालात बेहद संवेदनशील बने हुए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की रणनीतिक पकड़ ने भी अमेरिका और उसके सहयोगियों पर दबाव बनाया।

दुनिया की नजर अब अगले कदम पर

मिडिल ईस्ट की राजनीति फिलहाल बेहद नाजुक दौर में है। एक तरफ युद्ध की आशंका बनी हुई है, तो दूसरी तरफ कूटनीतिक बातचीत नए रास्ते खोलती दिख रही है। अगर हज से पहले अमेरिका और ईरान के बीच कोई शुरुआती समझौता हो जाता है, तो यह पूरे क्षेत्र के लिए राहत की खबर हो सकती है। फिलहाल सबकी नजर तेहरान की प्रतिक्रिया और वाशिंगटन के अगले आधिकारिक कदम पर टिकी हुई है।

यह भी पढ़ें: 'गाय की भी होगी, बकरे की भी'...बकरीद से पहले बंगाल में हुमायूं कबीर की BJP को खुली चेतावनी

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

Haridwar Viral Video: गंगा में बहा दी चिकन बिरयानी, वायरल हो रहा घटनाक्रम का वीडियो
'गाय की भी होगी, बकरे की भी'...बकरीद से पहले बंगाल में हुमायूं कबीर की BJP को खुली चेतावनी