‘नो टोल ऑन होरमुज़': ईरान पर अब क्यों भड़के डोनाल्ड ट्रंप? दे डाली नई धमकी

Published : Apr 11, 2026, 10:34 AM IST

US Iran Peace Talk: क्या होरमुज़ पर टकराव अब तय है? Donald Trump की ‘नो टोल’ चेतावनी और ‘नो प्लान B’ बयान ने US-ईरान वार्ता को खतरनाक मोड़ पर ला दिया-क्या यह शांति की आखिरी कोशिश है या बड़े युद्ध का संकेत?

PREV
18

Hormuz Strait Crisis: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच एक बार फिर बड़ा बयान सामने आया है। Donald Trump ने साफ कहा है कि होरमुज़ जलडमरूमध्य पर किसी भी तरह का टोल वसूलने नहीं दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब Islamabad में अमेरिका और ईरान के बीच अहम शांति वार्ता चल रही है। इस बयान ने न सिर्फ बातचीत पर दबाव बढ़ाया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में तनाव को भी नई दिशा दे दी है।

28

होरमुज़ क्यों है इतना अहम?

होरमुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस सप्लाई होता है।अगर इस रास्ते पर कोई टोल या रोक लगती है, तो इसका सीधा असर ग्लोबल अर्थव्यवस्था और तेल कीमतों पर पड़ता है। इसी वजह से अमेरिका चाहता है कि यह रास्ता पूरी तरह खुला और सुरक्षित रहे, जबकि ईरान इस पर अपनी पकड़ बनाए रखना चाहता है।

38

ट्रंप का ‘नो प्लान B’ बयान

Donald Trump ने यह भी कहा कि अगर ईरान के साथ बातचीत फेल होती है, तो अमेरिका के पास कोई “प्लान B” नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने पहले ही ईरान की सैन्य क्षमता को काफी कमजोर कर दिया है। उनके इस बयान को कई विशेषज्ञ सीधे दबाव की रणनीति के रूप में देख रहे हैं, ताकि ईरान बातचीत में झुके।

48

इस्लामाबाद में क्या हो रहा है?

Mohammad Bagher Ghalibaf के नेतृत्व में ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच चुका है। उनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शामिल हैं। पाकिस्तान की ओर से इस वार्ता में अहम भूमिका निभाई जा रही है, जहां JD Vance अमेरिकी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। यह बातचीत कई बड़े मुद्दों पर हो रही है-जैसे न्यूक्लियर प्रोग्राम, प्रतिबंध, शिपिंग सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता।

58

इस्लामाबाद में क्या हो रहा है?

मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ़ (Mohammad Bagher Ghalibaf) के नेतृत्व में ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच चुका है। उनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शामिल हैं। पाकिस्तान की ओर से इस वार्ता में अहम भूमिका निभाई जा रही है, जहां JD Vance अमेरिकी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। यह बातचीत कई बड़े मुद्दों पर हो रही है-जैसे न्यूक्लियर प्रोग्राम, प्रतिबंध, शिपिंग सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता।

68

दोनों देशों के बीच क्या हैं बड़े मतभेद?

अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को सीमित करे, मिसाइल क्षमता पर रोक लगाए और होरमुज़ पर किसी तरह का नियंत्रण न रखे। वहीं ईरान की मांग है कि उस पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए जाएं, फ्रोजन फंड वापस किए जाएं और उसकी संप्रभुता को स्वीकार किया जाए। यानी दोनों देशों के बीच मूल मुद्दों पर अब भी बड़ा अंतर बना हुआ है।

78

क्या बढ़ सकता है टकराव?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी और बढ़ा दी है। दूसरी तरफ, हाल ही में हुए मिसाइल हमलों के बाद एक कमजोर युद्धविराम लागू है, जिससे शांति की उम्मीद तो बनी है, लेकिन हालात अब भी नाजुक हैं। अगर यह वार्ता असफल होती है, तो स्थिति फिर से बिगड़ सकती है और होरमुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक टकराव का केंद्र बन सकता है।

88

शांति या नया संकट?

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही यह वार्ता सिर्फ दो देशों का मामला नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया इससे जुड़ी हुई है। होरमुज़ जैसे अहम रास्ते पर टकराव का मतलब है-तेल संकट, आर्थिक अस्थिरता और वैश्विक तनाव। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या इस्लामाबाद वार्ता कोई समाधान निकाल पाएगी, या फिर यह चेतावनी एक बड़े संघर्ष की शुरुआत साबित होगी।

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Photos on

Recommended Stories