Pakistan Suicide Attack: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में शांति रैली के दौरान पुलिस स्टेशन के बाहर हुए संदिग्ध आत्मघाती हमले में 14 लोगों की मौत और कई घायल हो गए। जानिए कबाल पुलिस स्टेशन के पास हुए धमाके और बढ़ते आतंकी हमलों की पूरी कहानी।
Khyber Pakhtunkhwa Blast: पाकिस्तान में आतंकवाद एक बार फिर खौफनाक रूप में सामने आया है। उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा के स्वात जिले में शांति की मांग को लेकर निकाली गई रैली उस समय मातम में बदल गई, जब पुलिस स्टेशन के बाहर जोरदार विस्फोट हुआ। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में पांच सुरक्षाकर्मियों समेत कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस स्टेशन के बाहर धमाका, शांति रैली में मची अफरा-तफरी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह रैली स्थानीय संगठन स्वात अमन जिरगा द्वारा आयोजित की गई थी। बड़ी संख्या में लोग इलाके में बढ़ती हिंसा के खिलाफ शांति की मांग करते हुए प्लेकार्ड और नारे लेकर शामिल हुए थे।
बताया जा रहा है कि कबाल पुलिस स्टेशन के प्रवेश द्वार पर तैनात पुलिसकर्मियों ने एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर तलाशी लेने की कोशिश की। इसी दौरान उसने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक रूप से इसे आत्मघाती हमला घोषित नहीं किया है, लेकिन शुरुआती जांच इसी ओर इशारा कर रही है।
यह भी पढ़ें: गाजा में फिर बरसीं मिसाइलें! शांति की कोशिशों के बीच इजराइल के हमले से बढ़ा तनाव
घायलों का अस्पताल में इलाज, किसी संगठन ने नहीं ली जिम्मेदारी
धमाके के तुरंत बाद पुलिस, रेस्क्यू टीम और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। घायलों को सैदु शरीफ टीचिंग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जबकि सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, हमला उस समय हुआ जब रैली का अंतिम वक्ता लोगों को संबोधित कर रहा था। विस्फोट के बाद भगदड़ मच गई और पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
खैबर पख्तूनख्वा में लगातार बढ़ रही आतंकी घटनाएं
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब खैबर पख्तूनख्वा पहले से ही बढ़ती आतंकी गतिविधियों का सामना कर रहा है। इसी दिन पेशावर-इस्लामाबाद मोटरवे टोल प्लाजा के पास हुए आईईडी विस्फोट में दो पुलिसकर्मी घायल हुए थे। वहीं, 30 जुलाई को हांगू जिले की एक पुलिस चौकी पर हुए हमले में नौ पुलिसकर्मियों की जान चली गई थी।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में खैबर पख्तूनख्वा में हिंसा से जुड़ी 154 मौतें दर्ज की गईं, जबकि जून में यह संख्या 75 थी। यानी एक महीने में हिंसा से होने वाली मौतों में करीब 105 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
घटना के बाद प्रांत के गवर्नर फैसल करीम कुंदी और मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने हमले की निंदा करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिरीक्षक (IGP) से विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां हमले के पीछे की साजिश और जिम्मेदारों का पता लगाने में जुटी हैं।
यह भी पढ़ें: अब खाना भी पहुंचाएगा Flipkart! Zomato और Swiggy को मिलने वाली है कड़ी टक्कर
