Chhattisgarh Floods: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में ऐसी भीषण बारिश हुई है जैसे बादल फट गए हो। हर तरफ सिर्फ तबाही ही तबाही नजर आ रही है। बेबस होकर लोगों ने अपना घर छोड़ दिया है। तो वहीं किसी की जान भी चली गई है।
नारायणपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके में शनिवार को भारी बारिश के बाद आई बाढ़ ने जमकर कहर बरपाया। इस आपदा में दो बच्चियों की जान चली गई और 50 से ज़्यादा घर तबाह हो गए। छत्तीसगढ़ के मंत्री केदार कश्यप ने ANI को बताया, "इस पूरे इलाके में 28, 29 और 30 जुलाई को बहुत ज़्यादा बारिश हुई। यह बारिश औसत से कई गुना ज़्यादा थी। हालात ऐसे बन गए जैसे बादल फट गया हो, जिसके चलते बाढ़ आ गई।"
तबाही के चलते लोगों को छोड़ने पड़े अपने घर
- बाढ़ की वजह से कई लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े और इलाके में सड़कों और पुलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ से प्रभावित एक स्थानीय निवासी सोनारू राम ने बताया कि करीब 16 घर तो पानी के साथ ही बह गए। उन्होंने कहा कि इलाके में पहले कभी ऐसे हालात नहीं बने थे।
- सोनारू राम ने ANI से कहा, “बारिश अचानक आई और हम कहीं जा भी नहीं पाए। हम अपना कोई भी सामान नहीं बचा सके... इस घटना में करीब 16 घर बह गए... हमारा बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं बनी थी, यह पहली बार हुआ है।”
रेसक्यू टीम जान जोखिम में डाल लोगों को निकाल रही
- राज्य मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रभावित इलाके में फौरन राहत पहुंचाने की पूरी कोशिश कर रही है।
- कश्यप ने आगे कहा, "बाढ़ के चलते कई लोग बेघर हो गए हैं और स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नुकसान हुआ है... हमारा जिला प्रशासन बड़ी मुस्तैदी से काम कर रहा है। इलाके में तुरंत राहत पहुंचाने की कोशिश की गई है... यहां लोगों को राहत सामग्री बांटी गई है..."
कई राज्यों में जलप्रलय से तबाही जारी
इस बीच, देश के कई दूसरे राज्यों में भी मानसून की भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं, जिसके चलते अधिकारियों ने तैयारी और राहत के उपाय तेज कर दिए हैं। गुजरात और हिमाचल प्रदेश में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि असम और उत्तराखंड में भी नदियों का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ के कारण हाई अलर्ट है।


