Ashok Siddharth Profile : बहुजन समाज पार्टी में आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ की गिनती पार्टी में तीसरे नंबर के नेता के रूप में होती है। लेकिन मायावती ने उन्हें बीएसपी से बाहर कर दिया है। साथ ही क्लियर कहा कि अशोक सिद्धार्थ को अब दोबारा कभी पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को बड़ा फैसला लेते हुए अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर निकाल दिया है। साथ ही कहा गया है कि बार बार समझाने क बाद भी वह नहीं समझे...उनकी इन्हीं हरकतों के वजह से अब कभी उनकी बहुजन समाज पार्टी में वापस होगी। तो आइए जानते हैं कौन हैं अशोक सिद्धार्थ और क्यों मायावती उनसे हैं नाराज?

  • दरअसल, अशोक सिद्धार्थ की बेटी प्रज्ञा की शादी मायावती के भतीजे आकाश आनंद के साथ हुई है। यह विवाह दो साल पहले 26 मार्च 2023 को हुआ था। इस रिश्ते से अशोक मायावती के समधी हुए। बीएसपी सुप्रीमो खुद इस शादी में शामिल हुई थीं। अशोक को मायावती का बेहद करीबी माना जाता था। तभी तो यह रिश्ता रिश्तेदारी में बदल गया।

कौन हैं अशोक सिद्धार्थ

बता दें कि अशोक सिद्धार्थ पेशे से एक डॉक्टर हैं। उन्होंने यूपी के महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज से नेत्र रोग में डिप्लोमा किया। वह सरकारी सेवा में रह चुके हैं। इस दौरान यूपी के कई जिलों में वह बड़े पद पर रहे। वहीं साल 2007 में जब वह कन्नौज के गुरसहायगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में थे तो इस दौरान उन्होंने अपनी नौकरी से इस्तीफा देकर बसपा में शामिल हो गए। यहीं से उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ। वहीं, डॉ. सिद्धार्थ की पत्नी सुनीता सिद्धार्थ साल 2007 से लेकर 2012 तक यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं।

राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं अशोक सिद्धार्थ

  • अशोक सिद्धार्थ बसपा की से पहली बार 2009 में एमएलसी बनाए गए। फिर 2016 में भी एमएलसी रहे। बीएसपी में उनका कद बढ़ा तो मायावती ने उन्हें 2016 में ही राज्यसभा भेज। वह 2022 तक राज्यसभा के सदस्य रहे।
  • अशोक सिद्धार्थ बीएसपी की तरफ से नेशनल लेवल के लीडर रह चुके हैं। उन्हें बीएसपी का राष्ट्रीय सचिव बनाया था। इसके अलावा कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल सहित 5 राज्यों का प्रभार भी संभाल चुके हैं। अशोक के बारे में दावा किया जाता है कि वह लो-प्रोफाइल रहने वालों में से हैं। वह पार्टी में पर्दे के पीछे रहते हुए काम करते रहे हैं।

आखिर क्यों मायावती ने समधी से रूठीं?

बताया जाता है कि अशोक सिद्धार्थ पर पार्टी में भ्रम फैलाने, अनुशासनहीनता और गुटबाजी के साथ साथ साजिश रचने के आरोप लगे हैं। खुद पार्टी सुप्रीमों ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा-अशोक को पहले भी कई बार समझाया जा चुका था। लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। वह सुधरने की जगह पार्टी में गुटबाजी करने लगे। इसके साथ ही उन पर आगामी यूपी विधानसभा उपचुनाव के अभियान को प्रभावित करने की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पहले भी वह पार्टी से बाहर हो चुके थे। लेकिन बाद में उन्हें शामिल किया गया। लेकिन अब उनकी वापसी कभी नहीं होगी।

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