ट्रम्प की सीक्रेट कॉल लीक! क्या सच में अमेरिका को नचा रहे थे नेतन्याहू? इनसाइड स्टोरी

Published : Jun 02, 2026, 09:58 AM IST
trump netanyahu leaked phone call lebanon iran talks israel us relations crisis

सार

क्या ट्रम्प-नेतन्याहू की लीक कॉल ने दशकों पुराने गठबंधन की असली दरार दुनिया के सामने खोल दी? क्या बेरूत पर हमले की योजना रोककर ट्रम्प ने नेतन्याहू को झुकने पर मजबूर कर दिया? क्या ईरान डील बचाने के लिए अमेरिका अब इज़राइल पर दबाव बना रहा है? क्या नेतन्याहू की 'अमेरिका को नियंत्रित करने' वाली छवि इस एक फोन कॉल से बिखर गई? 

Trump Netanyahu Leaked Call: लगभग दो दशकों से बेंजामिन नेतन्याहू (बिबी) (Benjamin Netanyahu) ने इजरायली जनता के सामने खुद को एक ऐसे अजेय कूटनीतिज्ञ के रूप में पेश किया है, जो जब चाहे अमेरिका को अपनी उंगलियों पर नचा सकता है। विशेष रूप से डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) के साथ अपनी दोस्ती का हवाला देकर उन्होंने खुद को 'अपरिहार्य' बनाए रखा। लेकिन सोमवार देर रात व्हाइट हाउस से आए एक फोन कॉल ने इस भ्रम को हमेशा के लिए दफन कर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सबसे भरोसेमंद साथी को मनाने के बजाय जिस तरह फटकार लगाई, उसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति का पूरा समीकरण ही बदल कर रख दिया है।

बंद कमरे में क्या बोले ट्रम्प?

सस्पेंस और सनसनी तब चरम पर पहुंच गई जब एक्सियोस (Axios) की रिपोर्ट ने इस खुफिया बातचीत के अंश लीक किए। ट्रम्प ने बंद कमरे में कूटनीतिक मर्यादाओं को तार-तार करते हुए नेतन्याहू को सीधे "पागल" कह दिया। इतना ही नहीं, ट्रम्प ने नेतन्याहू को उनके ऊपर चल रहे भ्रष्टाचार के मुकदमे की याद दिलाते हुए चिल्लाकर कहा: "अगर मैं न होता तो तुम जेल में होते। मैं तुम्हारी जान बचा रहा हूँ। अब हर कोई तुम्हारी वजह से इज़राइल से नफरत करता है।" यह किसी बराबरी के गठबंधन की भाषा नहीं थी, बल्कि एक मालिक द्वारा अपने कर्जदार को उसकी हैसियत याद दिलाने जैसा था। रिपोर्टों के अनुसार, बातचीत के दौरान ट्रम्प ने नेतन्याहू पर तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया और पूछा, "तुम आखिर कर क्या रहे हो?"

युद्ध बनाम शांति: पर्दे के पीछे का क्या है असली खेल?

इस ऐतिहासिक टकराव के पीछे सबसे बड़ा सस्पेंस दोनों नेताओं के अपने-अपने राजनीतिक हित हैं। डोनाल्ड ट्रम्प इस समय ईरान के साथ एक ऐतिहासिक शांति समझौता (महाडील) करके खुद को 'युद्ध समाप्त करने वाले मध्यस्थ' के रूप में पेश करना चाहते हैं। इसके विपरीत, इजरायल में अक्टूबर तक चुनाव होने अनिवार्य हैं और शुरुआती सर्वे में नेतन्याहू का गठबंधन पिछड़ रहा है। सुरक्षा के नाम पर जारी युद्ध ही नेतन्याहू की सत्ता को बचाए रख सकता है। सीधे शब्दों में कहें तो-एक व्यक्ति युद्ध रोकना चाहता है, जबकि दूसरा उसे जारी रखने का बहाना ढूंढ रहा है।

लेबनान बना टकराव का सबसे बड़ा कारण

तनाव तब और गहरा गया जब यह बात सामने आई कि इजरायल सिर्फ एक हिजबुल्लाह कमांडर को ढेर करने के लिए लेबनान की राजधानी बेरूत में पूरी-पूरी रिहायशी इमारतें गिराने की धमकी दे रहा था। इस पर भड़कते हुए ट्रम्प ने इजरायल की इस रणनीति पर कड़ा ऐतराज जताया और साफ कहा कि यह क्रूरता इजरायल को दुनिया भर में पूरी तरह अकेला कर देगी। इस भारी दबाव के बाद इजरायल को बैकफुट पर आना पड़ा और उसने बेरूत पर होने वाले हमलों को तुरंत रोक दिया।

निजी तौर पर सरेंडर, जनता के सामने बगावत!

इस लीक कॉल के बाद नेतन्याहू की सबसे बड़ी किरकिरी उनके दोहरे रवैये से हुई है। एक तरफ जहां उनके अधिकारियों ने ट्रम्प के दबाव में आत्मसमर्पण करते हुए सेना को वापस बुलाने और हमले रोकने की बात स्वीकार की, वहीं दूसरी तरफ नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर आकर जनता को यह दिखाने की कोशिश की कि उनका रुख बदला नहीं है। लेकिन इस दिखावे की अवज्ञा और निजी तौर पर किए गए सरेंडर के बीच के अंतर ने यह साफ कर दिया है कि जिस व्यक्ति ने अमेरिका को नचाने का दावा किया था, आज वो खुद अपनी राजनीतिक और कानूनी सुरक्षा के लिए वाशिंगटन का मोहताज बन चुका है।

 

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

क्या BJP ने खुद खो दिया अपना सबसे बड़ा चेहरा? अन्नामलाई की नई राह से बढ़ा सियासी पारा!
मित्रता में ग्रहण या कूटनीतिक ड्रामा? ट्रंप ने नेतन्याहू को 'पागल' कहकर क्यों लगाई फटकार?