Russia-Ukraine War: सड़कों पर लगे जाल को पत्तियां बटोरने वाला समझा? सच जानकर उड़ जाएंगे होश

Published : May 29, 2026, 05:04 PM IST
Russia-Ukraine War: सड़कों पर लगे जाल को पत्तियां बटोरने वाला समझा? सच जानकर उड़ जाएंगे होश

सार

यूक्रेन के वायरल वीडियो में सड़कों के ऊपर लगे जालों का असली मकसद क्या था? शुरुआत में सोशल मीडिया यूज़र्स ने इन जालों को किस चीज़ के लिए लगाया हुआ समझा? रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह वायरल वीडियो यूक्रेन के किस शहर का बताया जा रहा है?

Ukraine Viral Video: यूक्रेन से एक वायरल वीडियो सामने आया है, जिसने हज़ारों सोशल मीडिया यूज़र्स को हैरान कर दिया है। इस वीडियो में शहरों की सड़कों के ऊपर लगे बड़े-बड़े जालों का असली मकसद पता चलता है। पहली नज़र में ज्यादातर लोगों को लगा कि ये जाल पतझड़ में गिरने वाली पत्तियों को पकड़ने के लिए लगाए गए हैं। लेकिन असल में ये रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान इस्तेमाल होने वाले एंटी-ड्रोन डिफेंस बैरियर हैं। इस क्लिप को ऑनलाइन इस कैप्शन के साथ शेयर किया गया: “वो पल जब आपको एहसास होता है कि ये जाल पत्तियां पकड़ने के लिए नहीं थे।” ये वीडियो देखते ही देखते कई प्लेटफॉर्म्स पर फैल गया और सच्चाई जानने के बाद यूज़र्स ने इस पर भावुक होकर रिएक्ट किया।

 

 

ड्रोन हमलों को रोकने के लिए बनाए गए हैं ये जाल

एंटी-ड्रोन नेट एक तरह के सुरक्षा जाल होते हैं, जिन्हें सड़कों या इमारतों के ऊपर लगाया जाता है ताकि नीचे से उड़कर आने वाले हमलावर ड्रोन्स को रोका जा सके। बताया जा रहा है कि यह वीडियो यूक्रेन के खेरसॉन शहर का है, जहां अक्सर रूसी ड्रोन हमले होते रहते हैं। वीडियो में सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर बड़े-बड़े सुरक्षा जाल लटके हुए देखे जा सकते हैं। पतझड़ के मौसम में इन जालों पर गिरी हुई पत्तियां जमा हो जाती हैं, जिससे पहली नज़र में ये बिल्कुल सामान्य लगते हैं।

लेकिन बाद में जब दर्शकों को पता चला कि ये जाल असल में FPV ड्रोन्स और दूसरे हवाई हमलों को रोकने या उनकी रफ्तार धीमी करने में मदद के लिए लगाए गए हैं, तो वे चौंक गए। कई यूज़र्स ने कमेंट्स में बताया कि ये बैरियर युद्ध के दौरान सड़कों को सुरक्षित रखने के उपायों का हिस्सा हैं, जो अब यूक्रेन के कुछ युद्ध-प्रभावित इलाकों में देखे जा रहे हैं। एक यूज़र ने लिखा, “मुझे तो सच में लगा कि ये पत्तियों के लिए है।” एक अन्य ने कमेंट किया, “जंग हर दिन और ज़्यादा क्रिएटिव होती जा रही है।”

सोशल मीडिया यूज़र्स ने हैरानी जताई

इस वीडियो पर ऑनलाइन लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी, खासकर उन लोगों ने जिन्होंने पहले कभी एंटी-ड्रोन स्ट्रीट बैरियर नहीं देखे थे। कई यूज़र्स ने कहा कि जिस पल उन्हें इन जालों का असली मकसद पता चला, वह बहुत परेशान करने वाला और भावुक था। कुछ ने इसे इस बात की याद दिलाई कि युद्ध क्षेत्रों में रोजमर्रा की ज़िंदगी कैसे बदल जाती है। एक स्पेनिश यूज़र ने लिखा कि यह वीडियो “एक शांतिपूर्ण देश और युद्धग्रस्त देश में रहने के बीच का अंतर” दिखाता है। कुछ लोगों ने इस आइडिया को स्मार्ट और असरदार बताया, तो वहीं कुछ ने इसे दुखद भी कहा। उनके मुताबिक, यह इस बात का सबूत है कि कैसे आधुनिक युद्ध आम सड़कों और मोहल्लों में घुस आया है।

युद्ध के दौरान रोजमर्रा की ज़िंदगी की एक झलक

इस वायरल क्लिप ने एक बार फिर इस बात पर रोशनी डाली है कि संघर्ष वाले इलाकों में आम नागरिक कैसे लगातार खतरे के बीच जीने के लिए खुद को ढाल लेते हैं। जो एक शांत, पतझड़ की सड़क का नज़ारा लग रहा था, वह असल में ड्रोन हमलों के खिलाफ एक बड़े रक्षा तंत्र का हिस्सा था। यह वायरल एंटी-ड्रोन वीडियो सिर्फ एक चौंकाने वाली खोज से कहीं ज़्यादा है। इसने एक याद दिलाया है कि युद्ध-प्रभावित क्षेत्रों में, साधारण दिखने वाली सड़कें भी supervivencia (बचाव) और डर के निशान छिपा सकती हैं।

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