
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था अब पारंपरिक ढांचे से आगे बढ़कर डिजिटल और तकनीक आधारित मॉडल की ओर निर्णायक कदम रख रही है। वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने स्पष्ट संकेत दिया कि योगी आदित्यनाथ सरकार आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को विकास की नई धुरी बनाना चाहती है।
सरकार ने आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए 2059 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया है, जो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की तुलना में 76 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है। बजट का यह हिस्सा केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था का अग्रणी केंद्र बनाने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को केंद्र में रखते हुए “उत्तर प्रदेश एआई मिशन” की घोषणा की गई है। इस मिशन के लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके साथ ही इंडिया एआई मिशन के अंतर्गत प्रदेश की 49 आईटीआई में एआई लैब स्थापित की जाएंगी। एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इंडिया एआई डाटा लैब्स की स्थापना के लिए 32.82 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
नीति विशेषज्ञों का मानना है कि आईटीआई स्तर पर एआई लैब की स्थापना कौशल विकास के मॉडल को नई दिशा दे सकती है। इससे तकनीकी शिक्षा सीधे उद्योग की जरूरतों से जुड़ेगी और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
यह भी पढ़ें: UP Weather Forecast: क्या फरवरी में ही बढ़ने लगी गर्मी? जानें नोएडा, लखनऊ और प्रयागराज मौसम का हाल
प्रदेश सरकार पहले ही “एआई प्रज्ञा कार्यक्रम” शुरू कर चुकी है। इस पहल में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इंटेल, आईबीएम और वन एम वन बी जैसी वैश्विक कंपनियां प्रशिक्षण सहयोग दे रही हैं।
इस कार्यक्रम के तहत किसानों, स्वयं सहायता समूहों, विद्यार्थियों, डॉक्टरों और सरकारी अधिकारियों को एआई आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य केवल शहरी आईटी सेक्टर तक सीमित न रहकर तकनीक को गांव और जमीनी स्तर तक पहुंचाना है।
डिजिटल विस्तार के साथ साइबर खतरों का जोखिम भी बढ़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र की स्थापना के लिए 95.16 करोड़ रुपये की नई योजना प्रस्तावित की गई है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह केंद्र सरकारी डाटा और डिजिटल सेवाओं की सुरक्षा को मजबूत करेगा। विशेषज्ञ इसे डिजिटल अवसंरचना को सुरक्षित रखने की दिशा में रणनीतिक कदम मान रहे हैं।
उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर हब बनने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में 30,000 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से 8 डाटा सेंटर पार्क स्थापित करने और 900 मेगावाट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य तय किया गया है। अब तक 8 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए जा चुके हैं, जिनमें 6 डाटा सेंटर पार्क और 2 डाटा सेंटर इकाइयां शामिल हैं। इन परियोजनाओं से लगभग 21,342 करोड़ रुपये का निवेश और 644 मेगावाट क्षमता सुनिश्चित की जा चुकी है। यह कदम उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर सकता है।
इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पहले ही मजबूत स्थिति में है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में हो रहा है। इसके अलावा, भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स इकाइयां उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़कर 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बजट बढ़ोतरी से निवेशकों का विश्वास और मजबूत होगा।
तकनीकी नवाचार और उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर का दर्जा मिल चुका है। 76 प्रतिशत से अधिक की बजट वृद्धि को विशेषज्ञ डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने वाला निर्णायक कदम मान रहे हैं। उनका मानना है कि यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, तो उत्तर प्रदेश तकनीक आधारित विकास मॉडल में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है। वित्त वर्ष 2026-27 का बजट यह संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश केवल औद्योगिक विकास तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि एआई, डाटा सेंटर, साइबर सुरक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के जरिए भविष्य की अर्थव्यवस्था का केंद्र बनने की तैयारी में है।
यह भी पढ़ें: UP Education Budget 2026-27: बेसिक से स्किल डेवलपमेंट तक रिकॉर्ड बढ़ोतरी, शिक्षा बनेगी विकास की धुरी
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।