
लखनऊ। विधानसभा में सामाजिक सुरक्षा के मुद्दों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन और निराश्रित महिला पेंशन योजना से लगभग 1.6 करोड़ लाभार्थी जुड़े हैं। प्रत्येक लाभार्थी को 12,000 रुपये दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस राशि को बढ़ाने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। पैसा सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से खाते में जाता है, जिससे बीच में कोई रुकावट नहीं होती।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से विवाह योग्य होने तक 25,000 रुपये का पैकेज दिया जा रहा है। इससे 26 लाख बेटियां लाभान्वित हो रही हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में पहले 31,000 रुपये, फिर 51,000 रुपये दिए गए और अब इसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है। योजना का लाभ पाने के लिए वार्षिक आय सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए आय सीमा पहले 2 लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये किया गया है। अनुसूचित जाति और जनजाति के विद्यार्थियों के लिए सर्वोदय विद्यालय और चार विद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का प्रावधान किया गया है।
कोविड काल में शुरू की गई मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना के तहत यूपीएससी में 59, यूपीपीसीएस में 136 और नीट-आईआईटी जेईई में 771 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। ओबीसी छात्रवृत्ति के लिए 3,060 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कंप्यूटर ट्रेनिंग के लिए भी अलग बजट रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिव्यांग बेटियों को इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल दी जाएगी, जिसे मोबाइल से चार्ज किया जा सकेगा। इससे वे स्कूल तक आसानी से पहुंच सकेंगी। इसके लिए 60 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
दिव्यांगजन भरण-पोषण योजना के लिए 1,470 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कृत्रिम अंग उपकरण वितरण कार्यक्रम के लिए 38 करोड़ रुपये का प्रावधान है। परिवहन निगम की बसों में दिव्यांगजनों की निःशुल्क यात्रा के लिए 41 करोड़ रुपये और शैक्षणिक पुनर्वास के लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
Dr. Shakuntala Misra National Rehabilitation University और Jagadguru Rambhadracharya Divyang State University में शैक्षणिक भवन, इंडोर स्टेडियम और अन्य कार्यों के लिए भी बजट दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कानपुर की एक बेटी ‘खुशी’ का जिक्र किया, जो बोल और सुन नहीं सकती थी। इलाज के बाद उसका कोकलियर इम्प्लांट किया गया और अब वह बोल पा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि काम करने की इच्छाशक्ति जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि Sanjay Gandhi Postgraduate Institute of Medical Sciences में क्वार्टरनरी केयर हेल्थ सेंटर स्थापित किया जाएगा। पहले चरण में 859 करोड़ रुपये दिए जाएंगे, जिसमें 359 करोड़ निर्माण और 500 करोड़ अत्याधुनिक उपकरणों के लिए होंगे। यह देश का आधुनिक सुपर स्पेशलिटी एवं अनुसंधान केंद्र होगा।
प्रदेश में यूनिफाइड डिजीज सर्विलांस, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, ई-संजीवनी, टेलीमेडिसिन और टेलीरेडियोलॉजी जैसी सेवाएं लागू की गई हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं डिजिटल और सुलभ बनी हैं।
108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं को मजबूत किया गया है। एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की संख्या बढ़ाई गई है। अब प्रत्येक जिले में 5 से 8 एएलएस एंबुलेंस उपलब्ध हैं। 4,600 नई एंबुलेंस जोड़ी गई हैं।
करीब 100 अस्पतालों में सीटी स्कैन और एमआरआई सुविधाओं का विस्तार किया गया है। एएनएम से लेकर विशेषज्ञ डॉक्टर तक 75,000 से अधिक नियुक्तियां की गई हैं। अयोध्या में 500 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा, जिसमें ट्रॉमा और सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं होंगी। 27 मेडिकल कॉलेजों में छात्रावास निर्माण के लिए भी बजट प्रावधान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकालना है। जो व्यक्ति गरीबी रेखा से ऊपर जाएगा, उसकी सुविधाएं बंद नहीं होंगी, बल्कि उसे आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
प्रदेश में 96,000 से अधिक युवक मंगल दल और महिला मंगल दल को स्पोर्ट्स किट दी गई हैं। ग्रामीण लीग, विधायक और सांसद खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले श्रम विभाग में ‘इंस्पेक्टर राज’ था, लेकिन अब ‘फैसिलिटेटर’ मॉडल अपनाया गया है। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ क्वालिटी लिविंग’ पर जोर दिया गया है। प्रदेश में कारखानों की संख्या 14,000 से बढ़कर 31,000 से अधिक हो गई है। पिछले दो वर्षों में सबसे अधिक नए कारखाने स्थापित करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश बना है।
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