आईगॉट कर्मयोगी में UP अव्वल: CM योगी ने कैपेसिटी बिल्डिंग और प्रशिक्षण पर दिए अहम निर्देश

Published : Jan 07, 2026, 10:27 AM IST
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सार

सीएम योगी आदित्यनाथ ने मिशन कर्मयोगी की प्रगति की समीक्षा की। आईगॉट प्लेटफॉर्म पर यूपी देश में अग्रणी बना है। प्रशिक्षण को प्रमोशन से जोड़ने, AI-साइबर सिक्योरिटी पाठ्यक्रम और फील्ड कर्मियों के लिए व्यवहारिक ट्रेनिंग पर जोर दिया गया।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत उत्तर प्रदेश में अब तक हुई प्रगति और आगामी कार्ययोजना की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में मिशन के क्रियान्वयन, प्रशिक्षण ढांचे, डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्थिति और विभिन्न विभागों में क्षमता संवर्धन (Capacity Building) से जुड़े विषयों पर गहन चर्चा हुई।

इस अवसर पर कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान ने मुख्यमंत्री के समक्ष उत्तर प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी।

मिशन कर्मयोगी: भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था की नींव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मिशन कर्मयोगी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिवर्तनकारी पहल है। इसका उद्देश्य वैश्विक दृष्टिकोण के साथ भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जुड़े ऐसे सक्षम मानव संसाधन तैयार करना है, जो प्रदेश और देश के विकास की प्रेरक शक्ति बनें। उन्होंने कहा कि यह मिशन शासन व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

देशभर में करोड़ों कार्मिकों को जोड़ने का लक्ष्य

बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत- केंद्र सरकार में 30 लाख से अधिक सिविल सेवकों, राज्यों में लगभग 2.2 करोड़ कार्मिकों, शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में करीब 50 लाख कार्मिकों को क्षमता संवर्धन से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके साथ ही देशभर के 790 से अधिक सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक और सशक्त बनाया जा रहा है।

आईगॉट प्लेटफॉर्म: दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी प्रशिक्षण मंच

सभी सिविल सेवकों के सतत और ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए आईगॉट (Integrated Government Online Training) डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्थापना की गई है। यह मंच आज दुनिया का सबसे बड़ा सरकार-प्रेरित क्षमता निर्माण प्लेटफॉर्म बन चुका है।

आईगॉट प्लेटफॉर्म से जुड़े प्रमुख आंकड़े-

  • 1.45 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता
  • कुल 4,179 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम
  • 840+ पाठ्यक्रम हिंदी में
  • 15 क्षेत्रीय भाषाओं में 540+ पाठ्यक्रम
  • 6.7 करोड़ से अधिक पाठ्यक्रम पूर्ण
  • 70% से अधिक कोर्स पूर्णता दर
  • आईगॉट ऐप के 50 लाख से अधिक डाउनलोड

आईगॉट कर्मयोगी में उत्तर प्रदेश बना अग्रणी राज्य

आईगॉट कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। प्रदेश से-

  • 18.8 लाख से अधिक कार्मिक प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड
  • वर्ष 2025 में देश की कुल ऑनबोर्डिंग का 93% योगदान
  • 10 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं ने कम से कम एक कोर्स पूरा किया
  • 72 लाख से अधिक पाठ्यक्रम पूर्ण, जो 2025 में देश की कुल पूर्णताओं का 99% है

यह उपलब्धि सुशासन, दक्ष प्रशासन और नागरिक-केंद्रित सेवा प्रणाली की दिशा में बड़ा कदम है।

पाठ्यक्रम अपलोड और 7-दिवसीय प्रशिक्षण अनिवार्य करने के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग और सरकारी संस्थाएं अपनी आवश्यकता के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार कर आईगॉट पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सात दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम अनिवार्य किया जाए और इसे प्रमोशन एवं एसीआर से भी जोड़ा जाए।

प्रशिक्षण केंद्रों के लिए विशेष क्षमता निर्माण पाठ्यक्रम

मुख्यमंत्री ने कहा कि उपाम सहित प्रदेश के सभी प्रशिक्षण केंद्रों के लिए समय की जरूरत के अनुसार क्षमता निर्माण पाठ्यक्रम तैयार किए जाएं, ताकि प्रशिक्षण केंद्र स्तर पर ही कर्मचारियों की कार्यदक्षता बढ़ाई जा सके। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि अपने प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में एआई (AI) और साइबर सिक्योरिटी को अनिवार्य रूप से शामिल करें।

अमृत ज्ञान कोश में यूपी की केस स्टडी अपलोड करने के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आईगॉट के केस स्टडी प्लेटफॉर्म ‘अमृत ज्ञान कोश’ में दुनिया भर की बेहतरीन केस स्टडी उपलब्ध हैं। उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों में भी कई अच्छी केस स्टडी हैं, जिन्हें इस मंच पर अपलोड किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ज्ञान, कौशल और सकारात्मक सोच के समन्वय से ही जनसेवा की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार संभव है।

प्रशिक्षण की गुणवत्ता और व्यावहारिक उपयोगिता पर जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की- गुणवत्ता, नियमित मूल्यांकन, व्यावहारिक उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि इसका लाभ शासन की हर इकाई तक पहुंचे। उन्होंने अभियंताओं के लिए नई डिजाइन और नई तकनीक आधारित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम विकसित करने के निर्देश भी दिए।

फील्ड कर्मियों के लिए व्यवहारिक प्रशिक्षण को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मिशन कर्मयोगी के तहत- एएनएम, आशा कार्यकर्ता, पुलिस कांस्टेबल, पंचायती राज संस्थाएं नगरीय निकायों से जुड़े फील्ड कर्मी के लिए व्यवहारिक, कार्य-आधारित और जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जाए, ताकि जमीनी स्तर पर सेवाओं की प्रभावशीलता और संवेदनशीलता मजबूत हो।

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