UPI चार्ज से बचने लो आ गया एक नया जुगाड़! आखिर कैसे फटाफट होगा पेमेंट

Published : Sep 21, 2026, 09:29 PM IST
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सार

UPI पर 0.4% MDR चार्ज की चर्चा के बीच पेमेंट को 1,999 रुपये के हिस्सों में बांटने वाले ऐप वायरल हैं। जानें इनके दावे और सुरक्षा से जुड़ी सावधानियां।

UPI MDR: यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी UPI पर 0.4% MDR चार्ज लगाए जाने के बाद हर दुकानदार बस इसी बात को लेकर टेंशन में है कि 2,000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर उसे चार्ज देना होगा। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसी वेबसाइट और कुछ ऐप्स वायरल हो रहे हैं, जो बड़े पेमेंट को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर चार्ज से बचाने का दावा कर रहे हैं।

इन ऐप्स का दावा है कि अगर किसी पेमेंट को 1,999 रुपये या उससे कम के हिस्सों में बांट दिया जाए, तो 0.4% MDR चार्ज से बचा जा सकता है। हालांकि, ऐसे दावों और अनवेरिफाइड ऐप्स को लेकर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। बता दें कि UPI के नए MDR चार्ज 15 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे।

4,500 रुपये के पेमेंट को 3 हिस्सों में बांटने का दावा

  • मान लीजिए किसी दुकानदार को 4,500 रुपये का पेमेंट लेना है। वायरल हो रहे पेमेंट-स्प्लिट ऐप्स का दावा है कि यह रकम एक साथ लेने के बजाय तीन अलग-अलग पेमेंट में बांटी जा सकती है।
  • इसमें दो पेमेंट 1999-1999 रुपये के हो सकते हैं, जबकि बचे हुए 502 रुपये की रकम तीसरे पेमेंट के तौर पर ली जा सकती है।
  • इस तरह कुल 4,500 रुपये तीन अलग-अलग पेमेंट के जरिए लेने का दावा किया जा रहा है।
  • इसी तरीके को लेकर सोशल मीडिया और मार्केट में चर्चा है कि क्या ये ऐप वास्तव में काम करते हैं या सिर्फ चार्ज से बचाने का दावा कर रहे हैं।

क्या सच में UPI चार्ज से बचाते हैं ये ऐप?

  • पेमेंट को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटने वाले इन ऐप्स को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। कुछ ऐप्स यह दिखाते हैं कि वे बड़े अमाउंट को 1999 रुपये से कम की रकम में बांटकर अलग-अलग QR कोड तैयार कर सकते हैं।
  • हालांकि, किसी भी अनवेरिफाइड ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।
  • केवल MDR चार्ज से बचने के लिए किसी अनजान ऐप पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।
  • ऐसे ऐप्स के जरिए निजी जानकारी या बैंकिंग डिटेल गलत हाथों में जाने का खतरा हो सकता है।

ये भी देखें : UPI: ₹2,000 लिमिट से बचने की निंजा टेक्नीक! दुकानदारों का नया UPI गणित वायरल

P2M UPI Payment पर क्या है 0.4% MDR का मामला?

  • दरअसल, P2M यानी Person-to-Merchant पेमेंट में दुकानदारों की ओर से लिए जाने वाले UPI पेमेंट को लेकर 0.4% MDR चार्ज की चर्चा है।
  • आसान भाषा में समझें तो 2,000 रुपये से ज्यादा का मर्चेंट पेमेंट लेने पर 8 रुपए MDR चार्ज लगने की बात कही जा रही है।
  • इसी चार्ज से बचने के लिए कुछ मर्चेंट बड़े पेमेंट को छोटे-छोटे हिस्सों में लेने वाले तरीकों की तलाश कर रहे हैं।
  • इसी वजह से पेमेंट स्प्लिट करने का दावा करने वाले ऐप्स भी चर्चा में आ गए हैं।

कैसे काम करने का दावा करते हैं पेमेंट स्प्लिट ऐप्स?

  • ऐसे पेमेंट-स्प्लिट ऐप्स का इंटरफेस आमतौर पर काफी आसान बताया जा रहा है।
  • इसमें यूजर को अपनी UPI ID और नाम दर्ज करना होता है। इसके बाद जितनी रकम का पेमेंट लेना है, वह अमाउंट डालना होता है।
  • ऐप इसके बाद कुल रकम को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटने का दावा करता है।
  • ये हिस्से 1,999 रुपये से कम रखने की बात कही जाती है, ताकि हर अलग पेमेंट 1,999 रुपये की सीमा से ऊपर न जाए।
  • हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी ऐप का ऐसा दावा करना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि वह सुरक्षित, ऑथराइज्ड या नियमों के मुताबिक काम कर रहा है।

अनवेरिफाइड UPI ऐप्स से रहें सावधान

  • ऐसे ऐप्स और वेबसाइटों का इस्तेमाल करते समय सबसे ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। इंटरनेट पर मौजूद हर ऐप या वेबसाइट सुरक्षित और वेरिफाइड हो, यह जरूरी नहीं है।
  • किसी अनजान ऐप पर UPI ID, बैंकिंग डिटेल या दूसरी निजी जानकारी शेयर करने से पहले उसकी विश्वसनीयता और सुरक्षा की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए।
  • सिर्फ चार्ज से बचने के लिए किसी अनवेरिफाइड ऐप का इस्तेमाल करना आपके बैंक अकाउंट और निजी जानकारी के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
  • इसलिए UPI MDR चार्ज से बचने का दावा करने वाले किसी भी ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल करने से पहले उसकी वैधता और आधिकारिक जानकारी जरूर जांचें।

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