
US Iran Conflict: मध्य पूर्व (Middle East) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने पूरी दुनिया को एक बड़े सैन्य संकट के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। पिछले ही हफ्ते दोनों ताकतों के बीच हुए एक नाजुक युद्धविराम समझौते की धज्जियां उड़ चुकी हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक कमर्शियल कार्गो शिप पर हुए ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के भीतर घुसकर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। इस सैन्य कार्रवाई के तुरंत बाद ईरान ने भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर युद्ध का बिगुल फूंक दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक रहस्यमयी संकेत के कुछ ही मिनटों बाद वॉशिंगटन ने ईरान के खिलाफ अपनी अब तक की सबसे बड़ी सीधी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया। जब पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा था कि क्या अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा, तो उन्होंने बेहद गंभीर लहजे में कहा था: "आपको पता चल जाएगा।" इसके तुरंत बाद, यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की कि अमेरिकी विमानों ने दक्षिणी ईरान में घुसकर सटीक हवाई हमले (Precision Strikes) किए हैं। इस खुफिया ऑपरेशन में ईरान के मिसाइल साइलो, ड्रोन स्टोरेज बेस और तटीय रडार साइटों को सीधे निशाना बनाकर तबाह कर दिया गया।
अमेरिकी सेना के मुताबिक, यह पूरी तबाही 25 जून को शुरू हुई थी, जब सिंगापुर के झंडे वाले एक कमर्शियल कार्गो जहाज 'M/V एवर लवली' पर ओमान के तट के पास अचानक वन-वे सुसाइड ड्रोन से हमला किया गया। यह जहाज दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा रहा था। राष्ट्रपति ट्रंप ने खुलासा किया कि ड्रोन ने सीधे जहाज के ऊपरी डेक को निशाना बनाया था, जिससे भारी नुकसान हुआ। CENTCOM ने इसे ईरान की तरफ से कमर्शियल शिपिंग के खिलाफ "बिना वजह की आक्रामकता" और युद्धविराम का "मूर्खतापूर्ण उल्लंघन" करार दिया।
अमेरिकी मिसाइलों के बरसते ही ईरान की सेना-इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC)-ने बिना कोई वक्त गंवाए सीधे पलटवार कर दिया। IRGC ने वॉशिंगटन को खुली धमकी दी कि इस हिमाकत का कड़ा जवाब दिया जाएगा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इसके तुरंत बाद ईरान ने मध्य पूर्व के इलाके में मौजूद कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले कर दिए। ईरानी मीडिया ने यह भी दावा किया है कि दक्षिणी बंदरगाह शहर सिरिक में एक घाट के पास भारी धमाका सुना गया, जो अमेरिकी हमलों का असर हो सकता है। तेहरान ने साफ कर दिया है कि वे होर्मुज जलमार्ग में किसी भी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
तनाव चरम पर पहुंचने के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट लिखकर पूरी दुनिया को चौंका दिया। वेंस ने ईरान को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, "ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। हमने उसका सम्मान किया है। अगर उन्हें इस बात पर कोई असहमति है कि MOU को कैसे लागू किया जा रहा है, तो वे फोन कर सकते हैं। लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से ही दिया जाएगा।" इस बयान से साफ है कि अमेरिका अब पीछे हटने के मूड में नहीं है और वह कड़ा रुख अपनाए रखेगा।
इस पूरे विवाद की असली जड़ होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की जंग है, जहां से दुनिया की कुल तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि इस रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा केवल ईरान के हाथों में रहनी चाहिए। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि ईरान की भूमिका को नजरअंदाज करके सुरक्षित आवाजाही की गारंटी नहीं दी जा सकती। इसी बीच ओमान द्वारा जहाजों पर ट्रांजिट शुल्क लगाने की खबरों और IRGC द्वारा तीन विदेशी टैंकरों को चेतावनी देने की घटना ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी हड़कंप मचा दिया है।
जब खाड़ी क्षेत्र में बारूद सुलग रहा था, ठीक उसी समय राजनयिक गलियारों से एक और बड़ी खबर आई। अमेरिका की मध्यस्थता में इज़राइल और लेबनान के बीच एक ऐतिहासिक फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसका उद्देश्य ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह समूह के साथ शत्रुता को समाप्त करना और लेबनान से इजरायली सेना की चरणबद्ध वापसी सुनिश्चित करना है। हालांकि, इस शांति प्रयास पर भी सस्पेंस गहरा गया है क्योंकि हिज़्बुल्लाह ने इस समझौते को पूरी तरह खारिज करते हुए इसमें सहयोग करने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे यह पूरा क्षेत्र एक अनिश्चितता के दौर में चला गया है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।