
वाशिंगटन/तेहरान: पिछले कई दिनों से जिस रहस्यमयी समझौते को लेकर पूरी दुनिया में अटकलों का बाज़ार गर्म था, आखिरकार उससे पर्दा उठ गया है। सप्ताहांत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच परदे के पीछे जो खिचड़ी पकी थी, उसका पूरा खाका अब दुनिया के सामने आ चुका है। भारी जन दबाव के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने एक आपातकालीन कॉन्फ्रेंस कॉल पर इस ऐतिहासिक दस्तावेज़ की एक-एक शर्त पढ़कर सुनाई, जिसके बाद वैश्विक राजनीति में एक नया भूचाल आ गया है।
इस बेहद संवेदनशील दस्तावेज़ का औपचारिक नाम "संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के इस्लामी गणराज्य के बीच इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन" रखा गया है। इस समझौते पर आने वाले शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर किए जाने हैं। लेकिन सेंसपेन्स यहीं खत्म नहीं होता। हस्ताक्षर के ठीक बाद दोनों देशों के पास अंतिम समझौते की शर्तों को तय करने के लिए सिर्फ 60 दिनों की डेडलाइन होगी। दिलचस्प बात यह है कि जहां अमेरिका ने इस महाडील का पूरा कच्चा चिट्ठा खोल दिया है, वहीं ईरान की तरफ से अभी भी एक रहस्यमयी चुप्पी छाई हुई है। तेहरान ने अब तक अपने पत्तों का खुलासा नहीं किया है।
इस समझौते का सबसे चौंकाने वाला और तात्कालिक असर युद्ध के मैदानों पर दिखने वाला है। मसौदे में साफ़ तौर पर लिखा गया है कि दोनों देश "लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तुरंत और स्थायी रूप से समाप्त करने" के लिए मजबूर होंगे। बंद कमरों में तय हुई इस शर्त ने मिडिल ईस्ट के युद्धग्रस्त इलाकों में अचानक बंदूकों को शांत होने पर मजबूर कर दिया है। अगर अगले 60 दिनों के भीतर दोनों पक्ष अंतिम नतीजे पर नहीं पहुँचते, तो यह पूरी मेहनत पानी में मिल जाएगी, जिससे यह 60 दिन पूरी दुनिया के लिए किसी सस्पेंस थ्रिलर से कम नहीं होने वाले हैं।
वैश्विक व्यापार की जीवनरेखा कहे जाने वाले 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' (होरमुज़ जलडमरूमध्य) को लेकर एक ऐसा दांव खेला गया है जिसकी उम्मीद किसी ने नहीं की थी। समझौते के तहत, अमेरिका अगले 30 दिनों के भीतर ईरान की पूरी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने के लिए राजी हो गया है। जंग से पहले जहाजों की जैसी बेखौफ आवाजाही थी, उसे फिर से बहाल किया जाएगा। सबसे बड़ा ट्विस्ट यह है कि अंतिम समझौता होने के ठीक 30 दिनों के भीतर अमेरिका ईरान के चारों तरफ फैले रणनीतिक क्षेत्रों से अपनी विशाल सेना को हमेशा के लिए हटा लेगा। बदले में ईरान ने वादा किया है कि वह अगले 60 दिनों तक बिना किसी टैक्स या शुल्क के सभी कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित रास्ता देगा।
The moment President Trump signs the Iran deal at the Palace of Versailles.
The agreement was finalized during a dinner hosted by French President Emmanuel Macron inside the historic palace.
The signing marked a major diplomatic milestone after months of negotiations aimed at… pic.twitter.com/slt91WwA2O— Fox News (@FoxNews) June 18, 2026
इस पूरी डील का सबसे संवेदनशील हिस्सा ईरान का परमाणु कार्यक्रम है। पश्चिमी देशों की रातों की नींद उड़ाने वाले इस मुद्दे पर ईरान आखिरकार झुक गया है। मसौदे के अनुसार, ईरान इस बात पर पूरी तरह सहमत हो गया है कि वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। यही नहीं, ईरान के पास जो पहले से संवर्धित परमाणु सामग्री मौजूद है, उसे नष्ट करने के लिए एक सीक्रेट ऑपरेशन चलाया जाएगा, जिसे इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) की सख्त निगरानी में "साइट पर सम्मिश्रण (blending on site)" के जरिए अंजाम दिया जाएगा।
इस समझौते को अमलीजामा पहनाने के लिए अमेरिका ने ईरान के सामने जो सबसे बड़ा लालच रखा है, वह है आर्थिक पैकेज। अमेरिका अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान के कायाकल्प और विकास के लिए $300 अरब (300 बिलियन डॉलर) का एक विशाल फंड तैयार करने जा रहा है। इसके साथ ही, ईरान की अर्थव्यवस्था को पंगु बनाने वाले सभी अमेरिकी प्रतिबंधों को हमेशा के लिए हटा लिया जाएगा। प्रतिबंध कब और किस चरण में हटेंगे, इसका अंतिम टाइमटेबल 60 दिनों की बातचीत के बाद तय होगा। अब दुनिया की निगाहें शुक्रवार को होने वाले हस्ताक्षरों पर टिकी हैं कि क्या यह डील सच में नया इतिहास लिखेगी या बीच में ही बिखर जाएगी!
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।