लखनऊ में लोकतंत्र का मंथन: 86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन शुरू

Published : Jan 20, 2026, 10:47 AM IST
uttar pradesh AIPOC 2026 lucknow om birla cm yogi adityanath pm modi

सार

लखनऊ में 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सशक्त विधायिका, जनता के विश्वास, पेपरलेस विधानसभाओं और लोकतांत्रिक संवाद की अहमियत पर जोर दिया।

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के ऐतिहासिक विधानसभा परिसर में 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) का भव्य और गरिमामय शुभारंभ हुआ। ‘सशक्त विधायिका-समृद्ध राष्ट्र’ के संदेश के साथ आयोजित यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच बना है। सम्मेलन में देशभर की विधानसभाओं और विधान परिषदों के पीठासीन अधिकारी एक साथ उपस्थित हैं।

लोकतंत्र को मजबूत करने में विधायिकाओं की अहम भूमिका : ओम बिरला

उद्घाटन अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कहा कि वर्ष 2026 तक देश की सभी विधानसभाएं पेपरलेस हो चुकी हैं और उनकी कार्यवाही का सजीव प्रसारण हो रहा है। इससे जनता को सीधे सदन की कार्यवाही की जानकारी मिल रही है।

उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास और विश्वसनीयता बनाए रखना विधायिकाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। भले ही सदस्य अलग-अलग राजनीतिक दलों और विचारधाराओं से हों, लेकिन जनता चाहती है कि उनके मुद्दे पूरी मजबूती से सदन में उठें। श्री बिरला ने कहा कि सहमति और असहमति लोकतंत्र की शक्ति हैं, और भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने पर गर्व है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बदली उत्तर प्रदेश की छवि

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि इतने बड़े राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिला है। उन्होंने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिनंदन करते हुए कहा कि उनके संरक्षण में यह आयोजन और अधिक गरिमामय हुआ है। श्री महाना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते लगभग 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश की छवि बदली है और देशभर में प्रदेश को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हुआ है।

राजनीति को लेकर बनी नकारात्मक धारणा पर सतीश महाना का सवाल

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आजादी के बाद देश ने अनेक ऐसे नेताओं को देखा है जिन्होंने राष्ट्र को दिशा दी। उन्होंने राजनीति को लेकर बनी नकारात्मक धारणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेता वही बन सकता है जो समाज के हर वर्ग को समझता हो। उन्होंने बताया कि विधानसभा में पीएचडी धारक, सेवानिवृत्त आईएएस-आईपीएस अधिकारी, जमीनी कार्यकर्ता और सफाईकर्मी तक विधायक बनकर आते हैं और समाज को दिशा देते हैं।

विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की अपनी सीमाएं हैं, लेकिन आपसी सम्मान, संवाद और सहयोग से ही लोकतंत्र आगे बढ़ता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश पढ़ा गया

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने लोकसभा अध्यक्ष की अनुमति से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश पढ़कर सुनाया। प्रधानमंत्री ने लखनऊ में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसके सफल आयोजन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संवाद और विचार-विमर्श लोकतंत्र के मूल आधार हैं, जो पारदर्शिता बढ़ाने और विविध मतों के सम्मान में सहायक होते हैं।

दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान से सम्मेलन का शुभारंभ

सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में सनातन परंपरा के अनुसार दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा उपसभापति हरिवंश, विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई और पूरे परिसर में “भारत माता की जय” के उद्घोष गूंज उठे।

लखनऊ में चौथी बार हो रहा है AIPOC का आयोजन

यह चौथी बार है जब राजधानी लखनऊ में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। सम्मेलन में 28 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं और राज्यों की विधान परिषदों के पीठासीन अधिकारी भाग ले रहे हैं।

सम्मेलन आत्मनिरीक्षण और आत्मसुधार का मंच : माता प्रसाद पाण्डेय

नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह सम्मेलन आत्मनिरीक्षण और आत्मसुधार का मंच है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि शासन और समाज के बीच निरंतर संवाद की प्रक्रिया है। संविधान सरकार से बड़ा है और नागरिक सत्ता से ऊपर हैं।

उत्तर प्रदेश भारत का हृदय प्रदेश : हरिवंश

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि लखनऊ तहजीब का प्रतीक है और उत्तर प्रदेश भारत का हृदय प्रदेश है। काशी, प्रयागराज, अयोध्या, नैमिषारण्य, चित्रकूट और सारनाथ जैसी पावन भूमि इसकी पहचान हैं।उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अवसरों का प्रदेश बन रहा है और राज्य की जीडीपी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

लघु फिल्मों में दिखी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक झलक

कार्यक्रम के दौरान “उत्तर प्रदेश कैसे बन रहा है सर्वोत्तम प्रदेश” विषय पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई। फिल्म में प्रदेश के तीर्थ स्थल, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, रानी लक्ष्मीबाई, रामप्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आज़ाद, काशी की परंपराएं तथा बिस्मिल्लाह खान, पंडित रविशंकर और पंडित बिरजू महाराज जैसी महान विभूतियों का चित्रण किया गया।

तीन दिन चलेगा लोकतंत्र पर गहन मंथन

तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान विधायी कार्यकुशलता, तकनीक का उपयोग, शिक्षा का नया युग, जनता के प्रति विधायिका की जवाबदेही और विकसित भारत जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। यह मंथन उत्तर प्रदेश से निकलकर देश की सभी विधानसभाओं तक लोकतांत्रिक मजबूती का संदेश देगा।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

AIPOC 2026: लखनऊ में पीठासीन अधिकारियों का राष्ट्रीय सम्मेलन, ओम बिरला ने निष्पक्षता और संसदीय मर्यादा पर दिया जोर
Silver Price Today: चांदी ने अचानक बदली चाल! ₹3,222 प्रति 10 ग्राम पहुंचा रेट,क्या और महंगी होगी?