
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पंचायती राज विभाग के माध्यम से प्रदेश में ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दी गई है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में निर्वाचित महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय है, जो लोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पंचायती राज विभाग के लिए 38,501 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस धनराशि का उपयोग ग्रामीण बुनियादी ढांचे, विकास योजनाओं और स्थानीय प्रशासन को सशक्त बनाने में किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना, बीसी सखी योजना और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। बीसी सखी योजना की शुरुआत कोविड काल में की गई थी, जिसका उद्देश्य गांव-गांव बैंकिंग सेवाएं पहुंचाना था। उन्होंने बताया कि प्रदेश की बीसी सखियों ने अब तक 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का बैंकिंग लेनदेन किया है। इसके बदले उन्हें बैंकों से 109 करोड़ रुपये का शुद्ध कमीशन मिला है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्युत सखी के रूप में कार्यरत महिलाओं ने 2,867 करोड़ रुपये का कार्य पूरा किया है। महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 204 टेक होम राशन (THR) प्लांट संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश में 2,000 से अधिक प्रेरणा कैंटीन कैफे चल रहे हैं, जिन्हें महिला समूह संचालित कर रहे हैं। ये कैफे महिलाओं के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे महिला उद्यमियों को आसान ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि ‘बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर’ मॉडल की तर्ज पर पिछले वर्ष पांच मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस वर्ष प्रयागराज और लखनऊ में दो नई मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां स्थापित की जाएंगी। इसके लिए बजट में आवश्यक राशि का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन की सुचारू कार्यवाही के लिए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के अच्छे सुझावों को सरकार गंभीरता से लेती है और उन्हें लागू भी करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के व्यापक हित और विकसित भारत के विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को पूरा करने में यह बजट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार का लक्ष्य वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार चार विभागों ने अपनी कार्ययोजना अनुदान की मांगों के साथ सदन में प्रस्तुत की है और 15 मई तक सभी विभागों की कार्ययोजना तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सदस्यों से कहा कि वे अपने क्षेत्र और जनपद से संबंधित मांगों को पहले से तैयार रखें, ताकि समय पर धनराशि स्वीकृत हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने समय पर धन जारी किया है और हर जनपद व विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने कनेक्टिविटी, इन्फ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल एक्सपेंडिचर पर विशेष ध्यान दिया है। इसी का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश विकसित भारत के विकसित प्रदेश के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में 7,159 मेगावाट क्षमता के प्लांट थे। सरकार ने पहले चरण में इसे बढ़ाकर 11,595 मेगावाट किया और 6,541 मेगावाट के नए प्लांट तैयार किए गए हैं। अब प्रदेश के पास अपने स्रोतों से 18,136 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता होगी। उन्होंने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने 1.29 गीगावाट सोलर क्षमता हासिल की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 से 20 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 में प्रदेश में 34 लाख राजस्व मामले लंबित थे। हर वर्ष औसतन 1 लाख नए मामले जुड़ते हैं। इस अवधि में 9 से 10 लाख नए मामले आए। कुल 44 लाख मामलों में से अब तक 34 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। उन्होंने डबल इंजन सरकार की गति को तेज बताते हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया और नमामि गंगे परियोजना की सफलता का भी जिक्र किया।
बजट चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे के कुछ बयानों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी सरलता सभी को प्रभावित करती है और उनके स्वस्थ व दीर्घायु होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने विनोदपूर्ण अंदाज में कुछ टिप्पणियां भी कीं, जिससे सदन में हल्का माहौल बना। उन्होंने कहा कि अनुभवी पीढ़ी का अनुभव सदन के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन बाद की पीढ़ी ने मूल विचारधारा से दूरी बना ली।
राजकोषीय घाटे पर विपक्ष की टिप्पणी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आंकड़ों को सही तरीके से प्रस्तुत करना जरूरी है, अन्यथा भ्रम की स्थिति बनती है। ग्रामीण रोजगार योजना के संदर्भ में उन्होंने कहा कि पहले 100 दिन रोजगार की बात होती थी, लेकिन गारंटी नहीं थी। अब 125 दिन रोजगार और बेरोजगारी भत्ता की गारंटी की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि अब स्थायी निर्माण कार्य, अमृत सरोवर, बाजार और मंडी निर्माण जैसे ठोस विकास कार्य किए जा रहे हैं।
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