
उत्तर प्रदेश में बारिश थमने का नाम नहीं ले रही और नदियों का बढ़ता जलस्तर अब कई इलाकों के लिए बड़ी चिंता बन गया है। प्रदेश के करीब 19 जिले बाढ़ और भारी बारिश से प्रभावित बताए जा रहे हैं। गंगा, यमुना, घाघरा, गंडक, मंदाकिनी और शारदा समेत कई नदियां उफान पर हैं। निचले इलाकों में पानी पहुंचने के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव टीमों को अलर्ट कर दिया है।
प्रयागराज में गंगा और यमुना के साथ टोंस और बेलन नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। बैराज और बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद टोंस नदी को लेकर कछारी इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।
डीएम मनीष कुमार वर्मा ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। प्रशासन के मुताबिक फिलहाल आबादी प्रभावित होने की सूचना नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर राहत शिविर सक्रिय कर दिए गए हैं। NDRF की टीमें भी संवेदनशील इलाकों पर नजर रख रही हैं।
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चित्रकूट में रात की बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया। प्रशासन के अनुसार नदी का पानी खतरे के निशान से करीब 3 मीटर ऊपर पहुंच गया था। डीएम पुलकित गर्ग और एसपी अरुण कुमार सिंह ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सामग्री बांटी।
गाजीपुर के जमानियां इलाके में गंगा का पानी बढ़ने से करीब 2000 भेड़ें और उनके पालक बाढ़ के बीच फंस गए। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन ने ड्रोन से उनकी लोकेशन पता की। NDRF, SDRF, नाविकों और गोताखोरों की चार टीमों ने करीब छह घंटे तक अभियान चलाया और सभी भेड़ों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
श्रावस्ती के गिलौला में जल निकासी की समस्या के कारण एक दर्जन से ज्यादा घरों में पानी घुस गया। कई मकानों में कमर तक पानी भरने की बात सामने आई है। वहीं पीलीभीत में शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। बनबसा बैराज से दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़े जाने के बाद नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
वाराणसी में मंगलवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 70.27 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु पार कर चुका है। वरुणा किनारे बसे 12 मोहल्लों में बाढ़ का पानी पहुंचा है और 150 से ज्यादा परिवार राहत शिविरों में पहुंचे हैं। प्रशासन की ओर से भोजन, पानी और जरूरी सामान की व्यवस्था की जा रही है।
अगस्त में वाराणसी में करीब 448 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य बारिश करीब 245.1 मिमी रहती है। यानी बारिश सामान्य से लगभग 82 फीसदी अधिक रही। अगले 48 घंटे भी बारिश की संभावना के बीच नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
लखीमपुर खीरी, चित्रकूट, पीलीभीत, कुशीनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, गोंडा, सीतापुर, हरदोई, अयोध्या, बहराइच, गोरखपुर, बदायूं, देवरिया, उन्नाव, फर्रुखाबाद, बरेली, बाराबंकी और प्रयागराज समेत कई जिलों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। गाजीपुर और वाराणसी में भी प्रशासन अलर्ट मोड पर है। फिलहाल प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती लगातार बढ़ता नदी जलस्तर और आने वाले घंटों में संभावित बारिश है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी, घाट और जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें।
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