Venezuela Earthquake: 72 घंटे क्यों हैं सबसे अहम, भूकंप के बाद आफ्टरशॉक का खतरा कब तक

Published : Jun 25, 2026, 02:34 PM IST
Venezuela Earthquake Aftershock Risk

सार

Venezuela Earthquake Aftershock Risk: वेनेजुएला में 7.5 और 7.2 तीव्रता के भूकंप के बाद अबतक दर्जनों आफ्टरशॉक आ चुके हैं और खतरा बरकरार है। जानिए कब तक आ सकते हैं आफ्टरशॉक।

Venezuela Earthquake Aftershocks: वेनेजुएला में 24 जून 2026 को आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो बेहद शक्तिशाली भूकंपों के बाद अब सबसे बड़ी चिंता आफ्टरशॉक को लेकर है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक मुख्य भूकंप के बाद दर्जनों झटके महसूस किए जा चुके हैं और भूकंप वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी धरती का कंपन पूरी तरह थमने वाला नहीं है। यही वजह है कि स्थानीय प्रशासन और आपदा एजेंसियां लोगों से लगातार सतर्क रहने की अपील कर रही हैं। वहीं शुरुआत में सुनामी की चेतवनी जारी की गई थी लेकिन अब साफ कर दिया गया है कि सुनामी का खतरा नहीं है। जानिए भूकंपों के बाद आफ्टरशॉक का खतरा कब तक बना रहता है और क्या सावधानी बरतनी चाहिए।

आखिर क्यों महत्वपूर्ण माने जाते हैं भूकंप के बाद के 72 घंटे?

किसी बड़े भूकंप के बाद शुरुआती 24 से 72 घंटे सबसे संवेदनशील अवधि मानी जाती है। इस दौरान आफ्टरशॉक आने की संभावना सबसे अधिक रहती है। कई बार मुख्य भूकंप के बाद आने वाले झटके इतने मजबूत होते हैं कि पहले से कमजोर हो चुकी इमारतों, पुलों और अन्य ढांचों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही अधिकांश आफ्टरशॉक मुख्य भूकंप से कम तीव्रता के होते हैं, लेकिन वे जोखिम को पूरी तरह खत्म नहीं करते। इसलिए शुरुआती तीन दिन लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

आफ्टरशॉक कितने समय तक आते रह सकते हैं?

भूकंप विज्ञान के अनुसार आफ्टरशॉक का कोई तय समय नहीं होता। यह मुख्य भूकंप की तीव्रता, भूगर्भीय परिस्थितियों और प्रभावित क्षेत्र की संरचना पर निर्भर करता है। आम तौर पर बड़े भूकंपों के बाद कई दिनों से लेकर कई सप्ताह तक झटके महसूस किए जा सकते हैं। वहीं 7 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंपों के मामलों में महीनों तक छोटे और मध्यम स्तर के आफ्टरशॉक रिकॉर्ड किए जाना असामान्य नहीं माना जाता। हालांकि समय बीतने के साथ इनकी संख्या और ताकत धीरे-धीरे कम होती जाती है।

लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

भूकंप के बाद किसी भी क्षतिग्रस्त इमारत में प्रवेश करने से पहले प्रशासन की अनुमति का इंतजार करें। घर में आपातकालीन किट, पीने का पानी, टॉर्च, मोबाइल चार्जर और जरूरी दवाइयां तैयार रखें। यदि आफ्टरशॉक महसूस हो तो तुरंत “ड्रॉप, कवर और होल्ड ऑन” यानी झुकें, सुरक्षित जगह पर खुद को ढकें और किसी मजबूत सहारे को पकड़कर रहें। वेनेजुएला में आए इन दो बड़े भूकंपों के बाद विशेषज्ञों का स्पष्ट संदेश है कि खतरा मुख्य झटकों के साथ खत्म नहीं होता। आने वाले कई दिन विशेष सतर्कता की मांग करते हैं और शुरुआती 72 घंटे इस पूरी स्थिति में सबसे निर्णायक माने जा रहे हैं।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

AT
About the Author

Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
Read more Articles on

Recommended Stories

राम मंदिर जमीन सौदों पर नए सवाल: संजय सिंह ने SIT को 12 मिनट की मुलाकात में सौंपे 11 सबूत!
Venezuela Earthquake: भूकंप तो रुक गया, पर असली खतरा अभी बाकी! झटके थमने के बाद न करें ये 3 गलतियां