Jharkhand Student Protest: रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। सरकार ने वार्ता का प्रस्ताव दिया, लेकिन छात्रों ने बंद कमरे में बातचीत से इनकार कर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री से धरना स्थल पर आकर सार्वजनिक संवाद की मांग की है।
रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इन दिनों सिर्फ एक खेल मैदान नहीं, बल्कि हजारों युवाओं की उम्मीदों और नाराजगी का केंद्र बन गया है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और धांधली के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। अब मामला केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सरकार और छात्रों के बीच सीधे संवाद की स्थिति बन गई है।
बुधवार को राज्य सरकार की ओर से आंदोलनरत छात्रों से बातचीत की पहल की गई। हालांकि छात्रों ने सरकार के प्रस्ताव पर अपनी शर्तें रख दीं, जिसके बाद आंदोलन और वार्ता दोनों पर सभी की नजरें टिक गई हैं।
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सरकार ने भेजा वार्ता का संदेश, छात्रों से मांगा पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल
बढ़ते आंदोलन के बीच रांची के अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) धरना स्थल पहुंचे और प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छात्रों की बात सुनना चाहती है और मुख्यमंत्री की ओर से संदेश भेजा गया है।
प्रशासन ने छात्रों से पांच सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल बनाकर शाम 4 बजे सर्किट हाउस में होने वाली वार्ता में शामिल होने का आग्रह किया। अधिकारियों के मुताबिक, सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहती है।
छात्रों ने बंद कमरे की बैठक से किया इनकार
सरकार के प्रस्ताव पर छात्रों ने स्पष्ट रुख अपनाया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे बंद कमरे में होने वाली किसी भी बैठक का हिस्सा नहीं बनेंगे।
छात्रों का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में उनकी बात सुनना चाहती है, तो वार्ता मीडिया की मौजूदगी में सार्वजनिक रूप से होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग रखी कि मुख्यमंत्री स्वयं धरना स्थल पर आकर छात्रों से संवाद करें। उनका मानना है कि खुले मंच पर बातचीत होने से पारदर्शिता बनी रहेगी और सभी पक्षों की बातें जनता तक पहुंचेंगी।
फिलहाल धरना स्थल पर प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत का दौर जारी है। प्रशासन जहां छात्रों को वार्ता के लिए राजी करने की कोशिश कर रहा है, वहीं प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अडिग हैं।
आंदोलन में बढ़ी राजनीतिक हलचल
छात्र आंदोलन के बीच राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। बुधवार शाम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में एनडीए के विधायक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचने वाले हैं, जहां वे आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात करेंगे।
इससे पहले भी कई सामाजिक और सार्वजनिक हस्तियां आंदोलन को समर्थन दे चुकी हैं। बुधवार को चर्चित लेखक नीलोत्पल मृणाल भी धरना स्थल पहुंचे और छात्रों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष की सक्रियता के बाद इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है।
क्या हैं छात्रों की मुख्य मांगें?
छात्र लगातार JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और धांधली के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए ताकि युवाओं का भरोसा बना रहे।
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