Noida Supernova Suicide Case: नोएडा सुपरनोवा मामले में 28 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन की मौत की पुलिस जांच जारी है। डिप्रेशन, पारिवारिक विवाद, बच्चे के इलाज का खर्च और कर्ज समेत कई पहलू जांच में हैं।

नोएडा की ऊंची इमारतों में शुमार सुपरनोवा से शनिवार को सामने आई घटना ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। 28 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन की मौत के मामले में पुलिस अब उनकी जिंदगी के आखिरी दिनों से जुड़े कई पहलुओं की जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी में डिप्रेशन, पारिवारिक विवाद, बच्चे के इलाज पर हुआ भारी खर्च और कर्ज जैसी परिस्थितियां सामने आई हैं।

पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान गुरुग्राम के मानेसर निवासी संभव जैन के रूप में हुई है। वह पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। थाना सेक्टर-126 पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को उनके मोबाइल फोन से एक वीडियो भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है।

बेटे के इलाज पर खर्च हुए करीब 40 लाख

परिजनों से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि संभव की शादी 2024 में हुई थी। 2025 में उनके बेटे का जन्म समय से पहले, करीब सातवें महीने में हुआ था। बच्चे को लंबे समय तक इलाज की जरूरत पड़ी। परिवार के अनुसार, इलाज पर अब तक करीब 40 लाख रुपये खर्च हो चुके थे और उपचार का खर्च आगे भी जारी था।

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तलाक के विवाद में 15 लाख का सेटलमेंट

बच्चे के जन्म के कुछ समय बाद संभव और उनकी पत्नी के बीच विवाद हुआ और तलाक का मामला अदालत तक पहुंचा। पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच करीब 15 लाख रुपये में समझौता हुआ था। परिवार का कहना है कि लगभग 7 लाख रुपये की पहली किस्त दी जा चुकी थी, जबकि करीब 7.50 लाख रुपये का भुगतान बाकी था। इसके अलावा संभव पर अन्य कर्ज होने की बात भी सामने आई है।

पुलिस के अनुसार, घटना से पहले संभव ने अपने पिता से चैट में पिछले कुछ दिनों के दौरान डिप्रेशन और आत्महत्या से जुड़े विचारों का जिक्र किया था। पिता ने उन्हें वापस घर आने और परिवार के साथ रहने के लिए कहा था। पुलिस मोबाइल फोन और वीडियो समेत उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

'3 करोड़ एलिमनी' का दावा, पुलिस ने बताया अलग जानकारी

सोशल मीडिया पर संभव को तलाक के मामले में 3 करोड़ रुपये की एलिमनी दिए जाने का दावा भी सामने आया है। हालांकि, थाना प्रभारी सुमनेश कुमार के अनुसार, यह दावा सही नहीं है। पुलिस को परिवार से मिली जानकारी में समझौते की रकम करीब 15 लाख रुपये बताई गई है।

पुलिस फिलहाल डिप्रेशन, पारिवारिक परिस्थितियों, आर्थिक दबाव, कर्ज और अन्य पहलुओं की अलग-अलग जांच कर रही है। किसी एक वजह को उनकी मौत का अंतिम कारण मानकर जांच पूरी नहीं की गई है।

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