Sleep Challenge: न ऑफिस, न काम! सिर्फ 60 दिन सोया, फिर भी महिला ने कमा लिए 9.6 लाख...आखिर कैसे?

Published : Nov 07, 2026, 08:46 AM IST
wakefit sleep internship winner jinia chatterjee 60 days sleep 9 6 lakh prize

सार

Wakefit Sleep Internship में मुंबई की जिनीया चटर्जी ने 60 दिनों की प्रतियोगिता जीतकर 9.6 लाख रुपये और स्पॉन्सर्ड वेकेशन हासिल किया। जानें 2 लाख आवेदनों के बीच कैसे चुने गए प्रतिभागी और किन अनोखे टास्क से तय हुआ विजेता।

Sleep Internship: क्या आपने कभी सोचा है कि बिस्तर पर चैन से सोने के बदले आपको लाखों रुपये का इनाम मिल सकता है? यह सुनने में भले ही किसी फिल्मी कहानी जैसा लगे, लेकिन सच है। मुंबई की रहने वाली जिनीया चटर्जी ने 'वेकफिट' (Wakefit) की बहुचर्चित पांचवीं 'स्लीप इंटर्नशिप' का खिताब अपने नाम कर लिया है। लगातार 60 दिनों तक अपनी नींद के पैटर्न को सुधारने और कई मजेदार चुनौतियों को पार करने के बाद, जिनीया ने 9.6 लाख रुपये नकद और एक शानदार स्पॉन्सर्ड वेकेशन (छुट्टी का ट्रिप) जीत लिया है। इसके साथ उन्हें स्पॉन्सर्ड वेकेशन यानी छुट्टियों पर जाने का मौका भी मिला। यह प्रतियोगिता सिर्फ सोने तक सीमित नहीं थी। इसमें बेहतर नींद की आदतों, नियमित दिनचर्या और प्रतिभागियों की रचनात्मकता को भी परखा गया।

Wakefit Sleep Internship: क्या थी यह अनोखी प्रतियोगिता 2 लाख आवेदनों में से कैसे चुने गए 10 लोग?

इस अनूठी स्लीप इंटर्नशिप के लिए दो महीने तक चली इस प्रतियोगिता के लिए पूरे देश से 2 लाख से ज्यादा आवेदन मिले थे। इनमें से सिर्फ 10 प्रतिभागियों को चुना गया। सभी को 60 दिनों तक अपनी नींद का पैटर्न ट्रैक करना था, नियमित रूटीन बनाए रखना था और हर सप्ताह मिलने वाली चुनौतियों में हिस्सा लेना था। प्रतिभागियों के डेली स्लीप स्कोर और टास्क में प्रदर्शन के आधार पर लीडरबोर्ड तैयार किया जाता था। हर सप्ताह बेहतर प्रदर्शन करने वाले को 'प्रो स्लीपर ऑफ द वीक' का खिताब मिलता था।

Sleep Challenge: 'स्लीप सिनेमा' से लेकर 'अंडरकवर मिशन' तक के अजीबोगरीब टास्क

इंटर्नशिप के दौरान प्रतियोगियों की प्रतिभा को परखने के लिए कई रोमांचक और मजेदार गतिविधियां रखी गई थीं:

  • स्लीप सिनेमा: इसमें प्रतिभागियों को मशहूर फिल्मों के दृश्यों को नींद से जुड़े एक नए और अनोखे ट्विस्ट के साथ रीक्रिएट करना था।
  • अंडरकवर स्लीप मिशन: यह टास्क और भी मजेदार था, जिसमें प्रतियोगियों को आम बातचीत के दौरान बिना किसी को भनक लगे चुपचाप 10 बार "कंबल" या "तकिया" जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना होता था।

हर हफ्ते बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले को 'प्रो स्लीपर ऑफ द वीक' चुना जाता था।

Big Bedd Finale: आखिरी रात के स्कोर ने बदल दिया पूरा खेल

प्रतियोगिता के आखिर में रत्नागिरी मणिकंदन, जिनीया चटर्जी और महक खोट टॉप तीन में पहुंचे। वहीं, सबसे ज्यादा साप्ताहिक क्रिएटिव टास्क जीतने वाले हैदराबाद के करीम खान को वाइल्डकार्ड एंट्री मिली। इस तरह चार प्रतिभागी 'बिग बेड' ग्रैंड फिनाले तक पहुंचे। फिनाले में 'मेमोरी फोम चैलेंज' के तहत रेफरेंस तस्वीरों जैसा बेडरूम सेटअप तैयार करना था। 'स्लीप ऑक्शन' में तकिए, कंबल, एयर-कंडीशनिंग, लाइटिंग और साउंड जैसी सुविधाओं के लिए बोली लगानी थी। होस्ट और इन्फ्लुएंसर अनुज गुप्ता ने इस दौरान रैप लोरी भी पेश की। आखिरी रात के स्लीप स्कोर की तुलना के बाद जिनीया चटर्जी विजेता बनीं। उन्हें 9.6 लाख रुपये और स्पॉन्सर्ड वेकेशन मिला।

Sleep Internship: 2019 में हुई थी शुरुआत

वेकफिट ने 2019 में स्लीप इंटर्नशिप शुरू की थी। कंपनी के मुताबिक, पहले चार सीजन में 10 लाख से ज्यादा आवेदन आए और 65 इंटर्न को एक-एक लाख रुपये का स्टाइपेंड दिया गया। पांचवें सीजन की विजेता जिनीया चटर्जी बनीं। डलाइन में महिला का नाम जोड़ेंफिनाले की जानकारी क्रमबद्ध करेंरिपीट हो रही जानकारी हटाएं

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

कौन है ट्रंप को मारने की बात कहने वाला वेनेजुएला का शख्स? 3 हथियारों के साथ कैसे पकड़ा गया?
फर्जी लेखक, फर्जी प्रकाशक और AI से बनी किताबें...तमिलनाडु की मेगा लाइब्रेरी पर क्यों बढ़ा विवाद?