तालिबान ने बनाया रास्ता, अब वाखान कॉरिडोर से अफगानिस्तान का सोना लूटेगा चीन!

Published : Oct 06, 2026, 04:54 PM IST
wakhan corridor china road afghanistan gold minerals india concern

सार

China’s New Route to Afghanistan: अफगानिस्तान के वाखान कॉरिडोर में 55 लाख डॉलर की सड़क चीन तक पहुंच बना रही है। सवाल है कि क्या यह रास्ता अफगानिस्तान के सोने और खनिजों तक चीन की पहुंच आसान करेगा?

अफगानिस्तान के दुर्गम पहाड़ों के बीच बनी करीब 121 किलोमीटर लंबी सड़क देखने में भले एक सामान्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट लगे, लेकिन इसके पीछे का खेल काफी बड़ा है। करीब 55 लाख डॉलर की लागत से तैयार यह रास्ता वाखान कॉरिडोर को चीन के शिनजियांग से जोड़ता है। सवाल यही है, क्या यह सड़क सिर्फ आवाजाही के लिए है, या इसके जरिए चीन अफगानिस्तान के सोने और दूसरे खनिजों तक अपनी पहुंच आसान कर रहा है?

पहाड़ काटकर बना रास्ता, चीन तक सीधी कनेक्टिविटी

उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान का वाखान कॉरिडोर एक बेहद संकरी और दुर्गम पट्टी है। नई सड़क करीब 121 किलोमीटर तक फैली है और चीन के शिनजियांग क्षेत्र की दिशा में पहुंच बनाती है। तालिबान सरकार के लिए यह सड़क अफगानिस्तान को चीन से सीधे जोड़ने वाली अहम कड़ी मानी जा रही है।

यह भी पढ़ें: राहुल गांधी के सामने था चुनाव आयोग, लेकिन कदम आगे नहीं बढ़े... SIR पर दिल्ली में क्यों बढ़ा टकराव?

असली नजर सोने और खनिजों पर?

अफगानिस्तान प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध माना जाता है। तालिबान इस सड़क के जरिए सोने और अन्य खनिज संसाधनों को चीन के बाजार तक पहुंचाने की संभावनाएं तलाश रहा है। दूसरी तरफ चीन के लिए भी अफगानिस्तान के खनिज संसाधनों तक आसान पहुंच आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि सड़क बनने का मतलब यह नहीं है कि चीन ने इन संसाधनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है; खनन, निवेश और परिवहन के लिए अलग समझौतों और बुनियादी ढांचे की जरूरत होगी।

सिल्क रूट से आज की रणनीति तक

वाखान कोई नया व्यापारिक रास्ता नहीं है। ऐतिहासिक रूप से यह इलाका सिल्क रूट नेटवर्क से जुड़ा रहा है। इसकी भौगोलिक स्थिति इसे चीन, मध्य एशिया और दक्षिण एशिया के बीच कनेक्टिविटी के लिहाज से खास बनाती है। आज उसी भूगोल को नई आर्थिक और रणनीतिक परिस्थितियों में फिर से इस्तेमाल करने की कोशिश दिखाई दे रही है।

भारत के लिए क्यों बढ़ी चिंता?

वाखान की अहमियत सिर्फ चीन-अफगानिस्तान व्यापार तक सीमित नहीं है। यह इलाका भारत के दावे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान और लद्दाख के रणनीतिक क्षेत्र के करीब है। ऐसे में चीन की सड़क और कनेक्टिविटी परियोजनाओं का विस्तार भारत के लिए सुरक्षा और निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी के बीच बातचीत में भी वाखान से जुड़ी गतिविधियां चर्चा में रही हैं।

चीन का रास्ता लंबा खेल तो नहीं?

वाखान में सड़क को केवल 121 किलोमीटर का प्रोजेक्ट मानना तस्वीर को छोटा कर सकता है। अगर यह मार्ग आगे व्यापार, खनन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का हिस्सा बनता है तो चीन को अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक अपनी पहुंच मजबूत करने का अवसर मिल सकता है। पाकिस्तान के साथ बदलते समीकरण भी इसे और संवेदनशील बनाते हैं। भारत के लिए चुनौती यही है कि वह अफगानिस्तान और मध्य एशिया से अपने संपर्क मजबूत करे और इस पूरे इलाके में बदलते रणनीतिक समीकरणों पर करीबी नजर रखे।

यह भी पढ़ें: मुरादाबाद से अजमेर तक दरिंदगी की कहानी, हर परिवार के लिए आंखें खोलने वाली खबर

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

MP में अब फ्री मिलेगी सरकारी नौकरी की कोचिंग, CM मोहन यादव ने कर दिया एक और बड़ा ऐलान
मुरादाबाद से अजमेर तक दरिंदगी की कहानी, हर परिवार के लिए आंखें खोलने वाली खबर