
Pralhad Joshi Profile: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त चार्ज सौंप दिया है। सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इसके बाद प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का भी अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। यानी अब वे अपने पुराने विभागों के साथ शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। आइए जानते हैं आखिर प्रह्लाद जोशी कौन हैं, उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा है और सरकार ने इतनी बड़ी जिम्मेदारी उन्हीं को क्यों दी?
प्रह्लाद जोशी कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद हैं। वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और पिछले दो दशक से संसद में लगातार सक्रिय हैं। वे फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। इसके अलावा वे इंटरनेशनल सोलर अलायंस के अध्यक्ष भी हैं।
प्रह्लाद जोशी का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है। उन्होंने पहली बार साल 2004 में लोकसभा चुनाव जीता था। इसके बाद 2009, 2014, 2019 और 2024 में भी लगातार जीत दर्ज की। लगातार पांच बार एक ही सीट से जीत हासिल करना उनकी बड़ी राजनीतिक उपलब्धियों में गिना जाता है।
यह पहली बार नहीं है जब प्रह्लाद जोशी को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। 2019 से 2024 के बीच वे संसदीय कार्य मंत्रालय, कोयला मंत्रालय और खान मंत्रालय संभाल चुके हैं। 2024 में नई सरकार बनने के बाद उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। अब उनके पास शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त चार्ज भी आ गया है।
प्रह्लाद जोशी लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं। युवावस्था में उन्होंने संघ के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और बाद में बीजेपी की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। कर्नाटक में पार्टी संगठन को मजबूत करने में भी उनकी अहम भूमिका मानी जाती है।
प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को हुआ था। उनके पिता भारतीय रेलवे में नौकरी करते थे। शुरुआती पढ़ाई रेलवे स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने हुबली के न्यू इंग्लिश स्कूल में पढ़ाई की और आगे की शिक्षा श्री कदसिद्देश्वर आर्ट्स कॉलेज से पूरी की।
प्रह्लाद जोशी की पत्नी का नाम ज्योति जोशी है। उनकी तीन बेटियां हैं। राजनीति के अलावा उन्हें किताबें पढ़ना, भारतीय शास्त्रीय संगीत सुनना और क्रिकेट देखना पसंद है।
धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG विवाद और छात्रों के भविष्य का हवाला देते हुए शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया। उनके इस्तीफे के कुछ ही समय बाद सरकार ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त चार्ज सौंप दिया। इसी फैसले के बाद प्रह्लाद जोशी एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गए हैं।
Pralhad Joshi given additional charge of Education Ministry following Pradhan's resignation
Read @ANI Story | https://t.co/ero6eBu0Uc#PralhadJoshi #DharmendraPradhan #Resignation #EducationMinistry pic.twitter.com/FfJkBNgZH7— ANI Digital (@ani_digital) July 25, 2026
शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त चार्ज मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रों का भरोसा मजबूत करना, शिक्षा से जुड़े लंबित मुद्दों पर काम करना और मंत्रालय के कामकाज को सुचारू तरीके से आगे बढ़ाना होगी। आने वाले दिनों में सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि वे शिक्षा मंत्रालय में किस तरह के फैसले लेते हैं।
प्रह्लाद जोशी कौन हैं?
प्रह्लाद जोशी बीजेपी के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के धारवाड़ से पांच बार के सांसद हैं।
प्रह्लाद जोशी अभी कौन-कौन से मंत्रालय संभाल रहे हैं?
वे उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के साथ अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त चार्ज भी संभालेंगे।
प्रह्लाद जोशी कितनी बार सांसद चुने गए हैं?
वे 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 में लगातार पांच बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।