पढ़ाई छूटी, उम्मीद टूटी—फिर जनता दर्शन में योगी से मिलते ही मिला सहारा

Published : Feb 10, 2026, 02:08 PM IST
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सार

Yogi Adityanath Janata Darshan: जनता दर्शन में लखीमपुर खीरी के दो अनाथ बच्चों की पीड़ा सुनकर CM योगी आदित्यनाथ ने तत्काल मदद के निर्देश दिए। प्रशासन ने स्कूल में दाखिला, 50 हजार की सहायता, स्पॉन्सरशिप योजना और खाद्यान्न व सीएसआर किट उपलब्ध कराई।

लखनऊ। जनता दर्शन केवल फरियाद सुनने का मंच नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में उम्मीद जगाने का जरिया भी बन रहा है। सोमवार को जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने लखीमपुर खीरी के दो अनाथ बच्चों की कहानी आई, तो प्रशासनिक संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की एक मिसाल देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने बच्चों की आपबीती सुनते ही जिला प्रशासन को तत्काल हर संभव मदद के निर्देश दिए, जिसके बाद पूरी मशीनरी सक्रिय हो गई।

जनता दर्शन से पहले ही बच्चों की पढ़ाई दोबारा शुरू

मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन ने तेजी से कदम उठाए। दोनों बच्चे जनता दर्शन से लौटें, उससे पहले ही उनकी शिक्षा बहाल करने की व्यवस्था कर दी गई। स्कूल में दाखिले की प्रक्रिया पूरी कराई गई और बच्चों को पढ़ाई से दोबारा जोड़ दिया गया। इसके साथ ही 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, खाद्यान्न किट और सीएसआर किट भी प्रदान की गई, ताकि परिवार को तत्काल राहत मिल सके।

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2018 की दुर्घटना ने छीना माता-पिता का साया

जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि धौरहरा तहसील के सरसवा गांव के शिवांशु और अजय कुमार वर्ष 2018 में एक दर्दनाक हादसे के शिकार हो गए थे। इस दुर्घटना में पहले मां की मौत हो गई, जबकि पिता ने इलाज के दौरान 41 दिनों बाद दम तोड़ दिया। माता-पिता के निधन के बाद दोनों बच्चों के सामने भरण-पोषण और शिक्षा का गंभीर संकट खड़ा हो गया। आर्थिक तंगी के कारण उनकी पढ़ाई भी बाधित हो गई थी।

सोमवार को दोनों बच्चे अपने बाबा-दादी के साथ जनता दर्शन में पहुंचे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे अपनी समस्या साझा की। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जिला प्रशासन को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए।

स्पॉन्सरशिप योजना से मिलेगी हर महीने आर्थिक मदद

डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि दोनों बच्चों का स्पॉन्सरशिप योजना के तहत आवेदन कराकर सक्षम स्तर से स्वीकृति प्राप्त कर ली गई है। अब शिवांशु और अजय को चार-चार हजार रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके साथ ही पात्र गृहस्थी राशन कार्ड को अंत्योदय कार्ड में बदलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जिससे परिवार को नियमित खाद्यान्न सहायता मिल सके।

साथ ही बच्चों को प्रदेश सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई भी की जा रही है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

स्कूल में दाखिला, शिक्षा को मिली नई राह

प्रशासन की ओर से शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए अजय कुमार का गांव के ही विद्यालय में कक्षा सात में दाखिला करा दिया गया है। वहीं शिवांशु के लिए कक्षा नौ में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का प्रयास है कि दोनों बच्चों की पढ़ाई अब किसी भी हाल में बाधित न हो।

50 हजार की सहायता, खाद्यान्न और जरूरत का हर सामान मिला

डीएम के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने विकास भवन में परिवार से मुलाकात की। इस दौरान परिवार को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सौंपी गई। साथ ही खाद्यान्न किट में आटा, चावल, दाल, तेल, बिस्किट, हल्दी, धनिया, मिर्च, भुना चना, नमक, माचिस और आलू दिए गए।

सीएसआर किट के तहत बच्चों और परिवार को पानी की बोतल, छाता, टॉर्च (बैटरी सहित) और मच्छरदानी भी प्रदान की गई। बच्चों को स्कूल बैग, ज्योमेट्री बॉक्स, स्कूली ड्रेस, जूते, मौजे, स्वेटर और कंबल दिए गए। इसके बाद सरकारी वाहन से परिवार को सुरक्षित उनके घर पहुंचाया गया।

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