
काम की तलाश में जुटने वाले लेबर अड्डों पर अब सिर्फ रोज़गार की बात नहीं, बल्कि सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान की योजनाओं की जानकारी भी मिल रही है। योगी सरकार ने निर्माण श्रमिकों तक सीधे पहुंच बनाकर कल्याणकारी योजनाओं को कागज से निकालकर जमीन पर उतारने की कोशिश तेज कर दी है।
निर्माण श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ दिलाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और ठोस कदम बढ़ाया है। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से राजधानी लखनऊ के प्रमुख लेबर अड्डों पर जागरूकता और पंजीयन शिविर आयोजित किए गए, जहां श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर ही पंजीकरण और नवीनीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
मोहनलालगंज, बुद्धेश्वर और आशियाना के बाराबिरवा क्षेत्र में लगे इन शिविरों का उद्देश्य साफ था—ऐसे श्रमिकों तक पहुंचना, जो रोज़गार की तलाश में रोज़ाना लेबर अड्डों पर पहुंचते हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चल रहे इस अभियान का फोकस श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करना है।
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शिविरों में निर्माण श्रमिकों को बोर्ड द्वारा संचालित प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। कन्या विवाह सहायता, मातृत्व एवं शिशु सहायता, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन, गंभीर बीमारी सहायता, मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता जैसी योजनाओं को सरल भाषा में समझाया गया, ताकि श्रमिक अपने अधिकारों और लाभों को ठीक से जान सकें। जानकारी के साथ-साथ पात्र श्रमिकों का पंजीकरण और पुराने पंजीयन का नवीनीकरण भी मौके पर ही कराया गया।
जागरूकता अभियान के दौरान अटल आवासीय विद्यालय योजना पर खास जोर दिया गया। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा छह और नौ में प्रवेश को लेकर श्रमिकों को प्रेरित किया गया कि वे अपने बच्चों को इस योजना से जोड़ें। बोर्ड से कम से कम तीन वर्ष से पंजीकृत श्रमिकों को बताया गया कि यह योजना उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित भविष्य का अवसर दे सकती है।
अधिकारियों ने श्रमिकों को स्पष्ट रूप से समझाया कि किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए बोर्ड में पंजीकरण और उसका समय पर नवीनीकरण अनिवार्य है। श्रम विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में श्रमिकों की शंकाओं का समाधान किया गया और उन्हें यह भी बताया गया कि पंजीकरण और नवीनीकरण सीएससी ई-डिस्ट्रिक्ट सेंटर, ई-गवर्नेंस केंद्र या बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आसानी से कराया जा सकता है।
शिविरों में श्रमिकों की भागीदारी यह संकेत देती है कि अगर जानकारी और सुविधा एक ही जगह मिले, तो लोग योजनाओं से जुड़ने में रुचि दिखाते हैं। योगी सरकार का यह प्रयास केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि सीधे लेबर अड्डों तक पहुंचकर उन हाथों को सहारा देने की कोशिश है, जो प्रदेश के विकास की नींव मजबूत करते हैं। निर्माण श्रमिकों के लिए यह पहल न सिर्फ योजनाओं तक पहुंच का रास्ता खोल रही है, बल्कि उनके परिवारों के भविष्य को भी सुरक्षित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
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