Tokyo Olympics 2020: पुरुष तीरंदाजी में अतनु दास, प्रवीण और तरुणदीप ने हासिल की 31वीं, 32वीं और 37वीं रैंक

Published : Jul 23, 2021, 11:53 AM ISTUpdated : Jul 23, 2021, 12:01 PM IST
Tokyo Olympics 2020:  पुरुष तीरंदाजी में अतनु दास, प्रवीण और तरुणदीप ने हासिल की  31वीं, 32वीं और 37वीं रैंक

सार

पुरुष तीरंदाजी रैंकिंग राउंड का मुकाबला खत्म हो गया है। भारतीय तीरंदाजों में प्रवीण जाधव 656 अंक के साथ 31वें, अतनु दास 653 अंक के साथ 35वें और तरुणदीप 652 अंक के साथ 37वें स्थान पर आए।

स्पोर्ट्स डेस्क: टोक्यो ओलंपिक 2020 का शानदार आगाज शुक्रवार से हो गया है। कोविड-19 महामारी की वजह से दर्शकों के बिना ही शुरू हुए खेलों के इस महाकुंभ में शुक्रवार सुबह 2 मुकाबले हुए, जिसमें महिला तीरंदाजी के रैंकिंग राउंड में दुनिया की नंबर एक तीरंदाज दीपिका कुमारी नंबर 9 पर रहीं। वहीं, दीपिका कुमारी के रैंकिंग राउंड के बाद तीन और भारतीय तीरंदाज अतनु दास, प्रवीण जाधव और तरुणदीप राय पुरुष व्यक्तिगत रैंकिंग राउंड में शामिल हुए। हालांकि भारतीय तीरंदाजों ने उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। 

ऐसा रहा मुकाबला
टोक्यो ओलंपिक के पहले दिन दूसरे तीरंदाजी रैंकिंग राउंड के पुरुष  मुकाबला में कोरिया के 17 वर्षीय तीरंदाज किम जे  ने 688 अंक के साथ पहला स्थान हासिल किया है, जबकि अमेरिका केब्रैडी एलिसन 682 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहे हैं। वहीं, भारतीय तीरंदाजों का प्रदर्शन इतना खास नहीं रहा। प्रवीण 656 अंक के साथ 31वें, अतनु दास 653 अंक के साथ 35वें और तरुणदीप 652 अंक के साथ 37वें स्थान पर आए।

दीपिका ने हासिल की 9वीं रैंक
टोक्यो ओलंपिक 2020 का पहला मैच महिला व्यक्तिगत रैंकिंग राउंड का हुआ। जिसमें दुनिया की नंबर एक तीरंदाज दीपिका कुमारी (deepika kumari) ने नवीं रैंक हासिल की। मैच के दौरान उन्होंने कमबैक करने की कोशिश की लेकिन कोरिया की एन सैन ने शुरुआत के बढ़त बनाकर रखी और मैच में जीत हासिल की। दीपिका ने 9वें नंबर पर रहते हुए 663 अंक हासिल किए। वहीं, एन सैन ने 680 अंक के साथ ये मैच जीत लिया। 

ऐसा रहा भारतीय तीरंदाजों का सफर
झोपड़ी में बीत था प्रवीण का बचपन

मूल रूप से महाराष्ट्र के सतारा जिले के रहने वाले प्रवीण जाधव का आधा जीवन सार्दे गांव में नाले के किनारे बनी झुग्गियों में बीता है। उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी करते थे। लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य के आगे कभी भी अपनी गरीबी का रोना नहीं रोया। मेहनत और जज्बे की दम पर वह कर दिखाया, जिसका सपना भारत का हर खिलाड़ी देखता है।

14 साल की उम्र से तीरंदाजी कर रहे अतनु
अतनु दास का जन्म 5 अप्रैल 1992 को पश्चिम बंगाल के बारानगर में हुआ था। वह 14 साल की उम्र से तीरंदाजी कर रहे हैं। उन्होंने 2011 में पोलैंड के लेगिका में आयोजित वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप पुरुष टीम प्रतियोगिता में सिल्वर मैडल जीता था। 

भाईचुंग भूटिया  के भाई है तरुणदीप
तीरंदाज तरूणदीप राय का जन्म 22 फरवरी 1984 को हुआ था। उनका पूरा परिवार खेले से ताल्लुख रखता है। भारतीय फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी भाईचुंग भूटिया उनके चचेरे भाई हैं। तरुणदीप को तीरंदाजी की दुनिया में शानदार प्रदर्शन के लिए भारत सरकार ने अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित भी किया है।

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