
केरल. केरल में पिछले साल एक हथिनी के बर्बरता ने पूरे हिंदुस्तान को दर्द दिया था। केरल के मलप्पुरम में कुछ लोगों ने गर्भवती हथिनी को पटाखों से भरा अनानास खिला दिया था। इसके बाद उसकी मौत हो गई थी। सभी के जहन में सवाल था कि कैसे कोई इतना बेरहम हो सकता है, बेजुबान जानवर को इतनी बेरहमी से मार सकता है? लेकिन हाल ही में 2 इसी तरह की दर्दनाक घटनाएं सामने आई हैं, जो निश्चित रूप से इंसानियत को शर्मशार करने वाली हैं।
1- केरल में तेंदुए के मांस को खा गए लोग
पहली घटना केरल की है। यहां केरल के वन विभाग (Forest Department) के अधिकारियों ने तेंदुए को जाल में फंसाने, मारने और फिर उसके मांस को खाने के आरोप में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह घटना केरल के इडुक्की (Idukki) में मनकुलम (Mankulam) फॉरेस्ट रेंज में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, केरल में पहली बार तेंदुए का शिकार कर उसका मांस खाने की घटना सामने आई है। इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान विनोद पीके (45), वीपी कुरीकोस (74), सीएस बिनु (50), कुंजन (54) और विंसेंट (50) के रूप में हुई है।
क्या कहा अधिकारियों ने
मनकुलम के प्रभागीय वनाधिकारी पी.जे. सुहैब के मुताबिक, मुख्य आरोपी विनोद ने इडुक्की के मनकुलम के पास मुनीपारा में जंगल से करीब 100 मीटर की दूरी पर एक जाल बिछाया था। बुधवार की सुबह 6 साल का नर तेंदुआ जाल में फंस गया। विनोद ने कुरीकोज की मदद से जाल से तेंदुए को निकाला। इसके बाद तेंदुए को विनोद के घर में ले जाकर मारा गया। वहां उसका मांस पकाया गया और सभी आरोपियों ने मिल कर उसे खाया।
घर में मिला तेंदुए का 10 किलो मांस
तेंदुए के दांत और खाल उस घर में मिले, जहां उसे मारा गया था और उसका मांस पका कर खाया गया था। वन विभाग के अधिकारी ने कहा कि इस घटना की सूचना मिलने पर दबिश दी गई और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वन विभाग के एक अधिकारी सुहैब ने कहा कि मंकुलम रेंज के अधिकारी वी. बी. उदय सूर्यन और उनकी टीम ने सूचना मिलने के बाद सभी आरोपियों को 4 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने मुख्य आरोपी के घर से तेंदुए का करीब 10 किलो मांस बरामद किया।
विनोद था मुख्य शिकारी
वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि विनोद नाम के शख्स ने तेंदुए के शिकार में मुख्य भूमिका निभाई। बाकी दूसरे आरोपियों ने मांस के भोज में भाग लिया। अब अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि क्या आरोपी वन्य जीव व्यापार में शामिल हैं या नहीं। अधिकारियों ने कहा कि तेंदुए को भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत सूचीबद्ध किया गया है। इस मामले में अभियुक्तों को 7 साल तक की कैद हो सकती है।
2- तमिलनाडु : हाथी को जिंदा जलाया
हाल ही में तमिलनाडु में हाथी को जिंदा जलाने का मामला सामने आया है। यहां नीलगिरी के मासिनागुडी में कुछ लोगों ने हाथी पर जलती हुई आग फेंक दी। इससे हाथी की जल कर मौत हो गई। इस घटना का वीडियो काफी वायरल हो रहा है।
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