
नागरकुलनूल (हैदराबाद). तेलंगाना में डॉक्टरों की लापरवाही का बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां डिलीवरी के दौरान डॉक्टर ने नवजात को इतने बेरहमी और तेज तरीके से खींचा की शिशु का सिर धड़ से अलग हो गया। जिससे उसका धड़ गर्भ में ही रह गया।
नॉर्मल डिलेवरी की जगह कर दिया ऑपरेशन
दरअसल, यह शॉक्ड कर देने वाली घटना तेलंगाना के नागरकुलनूल जिले में सामने आई है। जहां एक परिवार ने 3 साल की स्वाती को प्रसव पीड़ा के दौरान यहां के 18 दिसंबर को अचाम्पेट अस्पताल में एडमिट कराया था। जहां उसकी डिलेवरी होनी थी। परिवार ने बताया कि प्रसूता की नॉर्मल डिलेवरी होनी थी। लेकिन इसके बावजूद भी डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर दिया।
नवजात का सिर अलग देख भाग खड़े हुए डॉक्टर
जानकारी मुताबिक, पीड़िता ने पुलिस को बताया कि मुझको डॉक्टर एक इंजेक्शन लगाकर लेबर रुम में लेकर गए। जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर सुधा रानी मेरी डिलेवरी करा रहीं थी। लेकिन वह कुछ देर बाद भागते हुए बाहर आईं और दो पुरुष डॉक्टरों को बुलाकर अंदर ले गईं। फिर उन्होंने मेरे परिवार से कहा कि प्रसूता को किसी दूसरी हॉस्पिटल में ले जाना पड़ेगा। क्योंकि नवजात का सिर धड़ से अलग हो गया है।
अभी भी प्रसूता के पेट में है शिशु का धड़
मिली जानकारी के अनुसार, नवजात का धड़ ऑपरेशन करते समय डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से अलग हुआ है। इसके बावजूद भी प्रसूता को 150 किलोमीटर दूर हैदराबाद के पेट्लाबुर्ज मैटरनिटी हॉस्पिटल रेफर कर दिया। फिलहाल महिला की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। बताया जाता है कि अभी भी शिशु का धड़ प्रसूता के पेट में है।
फौरन डॉक्टर को किया सस्पेंड
जब परिजनों ने डॉक्टरों की लापरवाही की शिकायत पुलिस के पास की तो जिला चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी सुधाकर लाल ने अस्पताल की अधीक्षक को तारा सिंह और इस घटना के लिए जिम्मेदार डॉक्टर रानी सुधा को सस्पेंड कर दिया है। वहीं हॉस्पिटल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है।
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