
तिरुवनंतपुरम. केरल के वित्त मंत्री टी एम थॉमस इसाक ने 2020-21 वित्त वर्ष के लिए माकपा नीत एलडीएफ सरकार के पांचवें बजट को शुक्रवार को पेश किया। बजट की शुरुआत उन्होंने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ टिप्पणी कर और राज्य विधानसभा द्वारा इसके खिलाफ सर्वसम्मति से पारित किए गए प्रस्ताव का जिक्र कर की।
देश में आजादी के बाद से सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन
उन्होंने कहा कि संशोधित नागरिकता कानून संविधान की मूल भावना के लिए खतरा उत्पन्न कर रहा है और देश में आजादी के बाद से अब तक के सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा नीत राजग सरकार निधि जारी करने से इनकार कर दक्षिणी राज्य के विकास को अवरुद्ध कर रही है।
इसाक ने आरोप लगाते हुए कहा
इसाक ने आरोप लगाया कि केंद्र आम आदमी की बजाए कॉर्पोरेट की मदद कर रहा है।
उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार राज्य को निधि न देकर उसके विकास को अवरुद्ध कर रही है और कॉर्पोरेट अनुकूल नीतियां एवं निजीकरण के जरिए खुद को बर्बाद करने के मार्ग पर चल रही है। जीएसटी क्रियान्वयन राज्य के लिए लाभकारी नहीं है।"
पेयजल परियोजनाओं के लिए 4,383 करोड़
बजट में, इसाक ने तटीय इलाकों के विकास के लिए 1,000 करोड़ रुपये, लोक निर्माण विभाग के लिए 1,500 करोड़ रुपये, ग्रामीण सड़क परियोजनाओं के लिए 1,000 करोड़ रुपये का आवंटन और पेयजल परियोजनाओं के लिए 4,383 करोड़ रुपये रखे।
उन्होंने कहा, "सरकार आगामी वर्ष में 2.5 लाख पानी के कनेक्शन देने का प्रस्ताव रखती है। हम जीवन योजना के तहत एक लाख घरों का भी निर्माण करेंगे।"
स्टार्टअप के लिए 10 करोड़ रुपये आवंटित किए
वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने सभी कल्याण पेंशन निधियों में 100 रुपये का इजाफा किया है, धान की खेती करने वाले किसानों को 40 करोड़ रुपये और राज्य में स्टार्टअप के लिए 10 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
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