Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी का पर्व हर साल माघ महीने में मनाया जाता है। इस दिन ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा का विशेष महत्व है। इसे शुभ कार्यों के लिए अबुझ मुहूर्त भी कहा जाता है।
Basant Panchami 2026 Shubh Yog: धर्म ग्रंथों के अनुसार, हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये उत्सव 23 जनवरी, शुक्रवार को मनाया जाएगा। बसंत पंचमी को साल में आने वाले 4 अबुझ मुहूर्तों में एक माना जाता है यानी इस दिन बिना मुहूर्त के भी विवाह आदि शुभ काम किए जा सकते हैं। इस बार बसंत पंचमी के मौके पर कोई भी शुभ मुहूर्त नहीं है तो क्या इस दिन विवाह करना उचित रहेगा? जानें उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. नलिन शर्मा से…
पं. शर्मा के अनुसार, जब विवाह आदि के लिए शुभ मुहूर्त देखे जाते हैं तो शुक्र ग्रह की स्थिति जरूर देखी जाती है। वर्तमान में शुक्र तारा अस्त है जो 1 फरवरी 2026 को उदय होगा। शुक्र अस्त के दौरान कोई भी शुभ कार्य जैसे विवाह आदि करना शुभ नहीं माना जाता है। यही कारण है कि 23 जनवरी को बसंत पंचमी के मौके पर विवाह के लिए शुभ मुहूर्त नहीं है।
पं. शर्मा के अनुसार, ज्योतिष शास्त्र में विवाह आदि शुभ कामों के लिए 4 अबूझ मुहूर्त बताए गए हैं जैसे- अक्षय तृतीया, देवउठनी एकादशी, भड़ली नवमी और बसंत पंचमी। यानी अगर 4 पर्वों पर कोई शुभ मुहूर्त न भी हो तो विवाह आदि किए जा सकते हैं। ऐसा करने में कोई संकोच नहीं है लेकिन इसके लिए पहले स्थानीय विद्वान से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
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बसंत पंचमी पर बन रहे शुभ योग
इस बार बसंत पंचमी का त्योहार 23 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन ग्रहों के कईं शुभ संयोग भी बन रहे हैं जिसके चलते इस पर्व का महत्व और भी बढ़ गया है। इस समय मकर राशि में सूर्य और बुध के साथ होने से बुधादित्य नाम का राजयोग बन रहा है, वहीं इसी राशि में शुक्र भी है। सूर्य और शुक्र की युति शुक्रादित्य नाम का शुभ योग भी बसंत पंचमी पर रहेगा।
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