Aarti Benefits in Hindi: हिंदू धर्म में कोई भी पूजा बिना आरती के पूरी नहीं होती। इसलिए अगर आप घर में भी रोज भगवान की पूजा करते हैं तो आरती जरूर करें। इससे आपको कईं फायदे मिल सकते हैं।
Daily Aarti at Home: सनातन धर्म में पूजा-पाठ के बाद भगवान की आरती करने की परंपरा है। माना जाता है कि आरती के बिना पूजा पूर्ण नहीं होती। धर्म ग्रंथों में भी सुबह और शाम आरती करने का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसा कहते हैं कि नियमित रूप से आरती करने से न केवल भगवान की कृपा प्राप्त होती है, बल्कि घर के वातावरण में भी पॉजिटिविटी बनी रहती है। आगे जानिए घर में रोज भगवान की आरती क्यों करनी चाहिए, इसकी विधि-मंत्र और फायदे…
हिंदू धर्म में पूजा से जुड़े अनेक नियम बताए गए हैं। उसके अनुसार कोई भी पूजा तब तक पूरी नहीं होती जब तक आरती न हो। आरती के बाद ही पूजा पूर्ण मानी जाती है और उसका फल हमें प्राप्त होता है। आरती के दौरान ताली, शंख और घंटी बजाने की परंपरा भी है। ऐसा करने से भक्त अपनी श्रद्धा और समर्पण की भावना व्यक्त करता है। इसलिए पूजा के बाद आरती जरूर करनी चाहिए।
हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की आरती की एक खास विधि है। उसी के अनुसार आरती करनी चाहिए। विद्वानों की मानें तो किसी भी देवी-देवता की आरती कुल 14 बार एक विशेष विधि से उतारनी चाहिए। सबसे पहले 4 बार पर चरणों से, 2 बार नाभि से, 1 बार मुख से और 7 बार पूरे शरीर से आरती की थाली घुमाएं। इसके बाद कर्पूर आरती करें। इस तरह आरती करने से भगवान प्रसन्न होते हैं।
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आरती में कौन-सा मंत्र बोलें?
दीपक से आरती करने के बाद कर्पूर आरती की जाती है। कर्पूर आरती करते समय एक विशेष मंत्र बोला जाता है, जो इस प्रकार है- कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानी सहितं नमामि।। अर्थ- जो कपूर के समान गौर वर्ण वाले हैं, करुणा के अवतार हैं। जो इस संसार के सार हैं, शेषनाग को हार के रूप में धारण करते हैं। जो सदैव कमल रूपी मेरे हृदय में निवास करते हैं। उन माता पार्वती सहित भगवान शिव को मेरा प्रणाम है।
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घर में आरती करने के 5 फायदे
1. जिस घर में रोज भगवान की आरती होती है, वहां सुख-समृद्धि और पॉजिटिविटी बनी रहती है। 2. रोज आरती करने से घर की निगेटिविटी और ऊपरी बाधा दूर होती है। 3. भगवान के आरती करने से मन शांत होता है और टेंशन कम होती है। 4. जिस घर में रोज आरती होती है वहां रहने वाले लोगों में आपसी सामंजस्य और प्रेम बना रहता है। 5. रोज घंटी और शंख बजाकर आरती करने से हानिकारक बैक्टीरिया-वायरस का प्रभाव कम होता है।
Disclaimer इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
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