Ashadha Gupt Navratri 2026: इस बार आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरूआत बहुत ही शुभ योग में होगी, जिसके चलते इसका महत्व और भी अधिक हो गया है। इस बार गुप्त नवरात्रि पूरे 9 दिन की रहेगी।
Ashadha Gupt Navratri July 2026 Date: धर्म ग्रंथों के अनुसार हर साल आषाढ़ मास में गुप्त नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। ये नवरात्रि बहुत ही खास होती है क्योंकि इसमें तंत्र-मंत्र से देवी को प्रसन्न किया जाता है। इसलिए प्रमुख तंत्र स्थानों पर इन दिनों तांत्रिकों को भारी भीड़ उमड़ती है। इस बार आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरूआत बहुत ही शुभ योग में हो रही है जिसके चलते इसका महत्व और भी अधिक हो गया है। आगे जानिए गुप्त नवरात्रि के पहले दिन कौन-सा शुभ योग बनेगा…
इस बार आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरूआत 15 जुलाई से होगी। ये पर्व पूरे 9 दिनों तक यानी 23 जुलाई तक मनाया जाएगा। गुप्त नवरात्र के पहले दिन यानी 15 जुलाई को चंद्रमा और गुरु कर्क राशि में साथ में रहेंगे जिससे गजकेसरी नाम का राजयोग बनेगा। चूंकि गुरु 12 साल बाद कर्क राशि में हैं इसलिए ये गुप्त नवरात्रि के पहले दिन ये शुभ योग बहुत ही खास माना जा रहा है।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार 15 जुलाई को बुधवार के दिन पुष्य नक्षत्र पूरे दिन रहेगा जिससे बुध पुष्य का शुभ योग भी बनेगा। बुधवार को पुष्य नक्षत्र का संयोग बहुत ही खास माना जाता है। इस दिन बुध और सूर्य मिथुन राशि में होने से बुधादित्य नाम का राजयोग भी बनेगा, जिससे इस पर्व का महत्व और भी अधिक हो जाएगा।
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भड़ली नवमी पर विवाह मुहूर्त नहीं
गुप्त नवरात्रि के अंतिम दिन भड़ली नवमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 23 जुलाई को है। इस दिन बिना मुहूर्त के शुभ कार्य जैसे विवाह आदि करने की मान्यता है लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा क्योंकि 16 जुलाई को ही गुरु तारा अस्त हो जाएगा। इस कारण इस अवधि में विवाह के मुहूर्त मान्य नहीं रहेंगे और न अन्य कोई मांगलिक कार्य किए जा सकेंगे। वहीं 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ चातुर्मास की शुरुआत हो जाएगी। इसी वजह से विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, यज्ञोपवीत और अन्य मांगलिक कार्य अगले चार माह तक नहीं किए जाएंगे।
Disclaimer इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
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