Devi Katyayani Ki Aarti in Hindi: 24 मार्च को करें देवी कात्यायनी की आरती-पूजा, जानें मंत्र और शुभ मुहूर्त

Published : Mar 24, 2026, 05:30 AM IST
Devi Katyayani Ki Aarti

सार

Chaitra Navratri 2026 6th Day: चैत्र नवरात्रि के छठे दिन देवी दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा की जाती है। देवी का ये स्वरूप बहुत ही चमत्कारी और शुभ फल देने वाला माना गया है। रावण भी देवी के इसी रूप की पूजा करता था।

Chaitra Navratri 2026 Devi Katyayani Puja Vidhi: चैत्र नवरात्रि के 9 दिनों में रोज देवी के एक अलग रूप की पूजा की जाती है। नवरात्रि के छठे दिन की देवी मां कात्यायनी है। ऋषि कात्यायन की पुत्री होने से ही देवी का ये नाम पड़ा। धर्म ग्रंथों के अनुसार राक्षसों का राजा रावण भी देवी के इसी रूप की पूजा करता था। इस बार देवी कात्यायनी की पूजा 24 मार्च, मंगलवार को की जाएगी। आगे जानिए देवी कात्यायनी की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और आरती…

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24 मार्च 2026 शुभ मुहूर्त

सुबह 09:32 से 11:02 तक
सुबह 11:02 से दोपहर 12:33 तक
दोपहर 12:09 से 12:57 तक (अभिजीत मुहूर्त)
दोपहर 12:33 से 02:03 तक
दोपहर 03:34 से शाम 05:04 तक

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देवी कात्यायनी की पूजा विधि और मंत्र

- 24 मार्च, मंगलवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद हाथ में जल, चावल व फूल लेकर व्रत-पूजा का संकल्प लें।
- शुभ मुहूर्त में पूजा शुरू करें। सबसे पहले देवी कात्यायनी की तस्वीर या प्रतिमा घर में साफ स्थान लकड़ी के पटिए पर स्थापित करें।
- देवी कात्यायनी की तस्वीर पर कुमकुम से तिलक लगाएं। गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं और फूलों की माला भी अर्पित करें।
- इसके बाद लाल चुनरी, अबीर, गुलाल, लाल फूल, लाल चूड़ी आदि चीजें एक-एक करके चढ़ाएं। नीचे लिखे मंत्र बोलें-
चन्द्रहासोज्जवलकरा शार्दूलावरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्यादेवी दानवद्यातिनी।।
- देवी को देवी को शहद का भोग लगाएं और विधि-विधान से आरती करें। इससे आपके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।

देवी कात्यायनी की आरती (Devi Katyayani Ki Aarti)

जय जय अम्बे जय कात्यानी, जय जगमाता जग की महारानी
बैजनाथ स्थान तुम्हारा, वहा वरदाती नाम पुकारा
कई नाम है कई धाम है, यह स्थान भी तो सुखधाम है
हर मंदिर में ज्योत तुम्हारी, कही योगेश्वरी महिमा न्यारी
हर जगह उत्सव होते रहते, हर मंदिर में भगत है कहते
कत्यानी रक्षक काया की, ग्रंथि काटे मोह माया की
झूठे मोह से छुडाने वाली, अपना नाम जपाने वाली
बृह्स्पतिवार को पूजा करिए, ध्यान कात्यानी का धरिये
हर संकट को दूर करेगी, भंडारे भरपूर करेगी
जो भी माँ को 'चमन' पुकारे, कात्यायनी सब कष्ट निवारे।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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