घर में विराजे हैं बप्पा तो न करें ये 4 भूल! जानें दाईं या बाईं, किस सूंड वाले गणेश जी लाते हैं बरकत

Published : Sep 14, 2026, 11:14 AM IST

Ganesh Idol Rules: भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के पावन मौके पर आज से गणेशोत्सव का पर्व शुरू हो चुका है। विघ्नहर्ता को घर लाते समय सही मूर्ति चुनना, स्थापना का सही समय जानना और पूजा के कड़े नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है, ताकि घर में बरकत बनी रहे।

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गणेश चतुर्थी पर स्थापना के शुभ मुहूर्त

आज बप्पा की चौकी सजाने के लिए दिनभर में 5 शुभ चौघड़िया और अभिजीत मुहूर्त मिल रहे हैं

अमृत मुहूर्त- सुबह 06:17 से 07:47 तक

शुभ मुहूर्त- सुबह 09:17 से 10:47 तक

अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:30 से दोपहर 12:50 तक

लाभ मुहूर्त- दोपहर 03:17 से शाम 04:47 तक

अमृत मुहूर्त- शाम 04:47 से 06:17 तक

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दाईं या बाईं घर के लिए कौन सी सूंड वाले गणपति हैं सबसे शुभ?

शास्त्रों के अनुसार, गृहस्थ जीवन के लिए बाईं तरफ मुड़ी सूंड वाले गणपति (वाममुखी गणेश) सबसे शुभ माने जाते हैं। चंद्रमा का रूप होने के कारण ये शांत स्वभाव के होते हैं और थोड़ी सी पूजा से प्रसन्न हो जाते हैं। दाईं सूंड वाले गणेश जी (दक्षिणामुखी) को सूर्य का रूप माना जाता है। इनकी पूजा में यम-नियम और बहुत कड़े अनुशासन की जरूरत होती है, जो सामान्य घरों में संभव नहीं होता, इसलिए इन्हें अक्सर मंदिरों में ही स्थापित किया जाता है।

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घर पर विराजें बप्पा तो इन 4 गलतियों से बिल्कुल बचें
  1. आज के दिन चांद देखने की मनाही होती है, क्योंकि मान्यता है कि इससे झूठा कलंक लगता है।
  2. जब तक बप्पा घर में विराजमान हैं, घर के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर पूरे परिवार को बाहर नहीं जाना चाहिए।
  3. पूजा और भोग में लापरवाही नहीं करनी चाहिए। दोनों समय दीपक जलाना, ताजी दूर्वा, लाल फूल चढ़ाना और शुद्ध सात्विक भोग लगाना अनिवार्य है।
  4. घर के अंदर हमेशा मिट्टी से बनी छोटी प्रतिमा स्थापित करने का ही विधान ग्रंथों में मिलता है।
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सुबह-शाम गणेश सेवा और दैनिक भोग का सही नियम

गणपति प्रतिमा स्थापित करने के बाद रोज सुबह और शाम की आरती नियमित समय पर करें। बप्पा को मोदक, मोतीचूर के लड्डू या ऋतु फल का भोग लगाएं। ध्यान रखें कि घर की रसोई में इन 10 दिनों तक लहसुन-प्याज या किसी भी तरह का तामसिक भोजन बिल्कुल न बने।

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गणेश विसर्जन के समय ध्यान रखें ये बातें

इस बार गणेशोत्सव का मुख्य विसर्जन अनंत चतुर्दशी यानी 25 सितंबर को संपन्न होगा। अगर आपने घर पर मिट्टी के ईको-फ्रेंडली गणेश जी स्थापित किए हैं, तो किसी साफ गमले या टब में गंगाजल डालकर घर पर ही विसर्जन करें। इससे बप्पा की पवित्र मिट्टी आपके घर के पेड़-पौधों में ही सुरक्षित रहेगी।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथों और लोक मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य सिर्फ सामान्य जानकारी और धार्मिक नियमों के बारें में बताना है। किसी भी विशेष पूजा विधान या शंका समाधान के लिए अपने कुल पुरोहित या ज्योतिषाचार्य से संपर्क जरूर करें।

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