Hathi Pujan Kab Hai: महालक्ष्मी व्रत में हाथी की पूजा कैसे करें, क्या-क्या चढ़ाएं? जानें मुहूर्त-पूजा विधि

Published : Oct 02, 2026, 11:55 AM IST
Hathi Pujan 2026

सार

Mahalakshmi Vrat Puja Vidhi: हर साल श्राद्ध पक्ष में महालक्ष्मी व्रत किया जाता है। इस व्रत में देवी लक्ष्मी के साथ-साथ उनके वाहन हाथी की पूजा भी की जाती है, इसलिए इसे हाथी पूजन भी कहते हैं।

Hathi Pujan 2026: श्राद्ध पक्ष की अष्टमी तिथि को महालक्ष्मी व्रत किया जाता है। इस दिन हाथी पर बैठी देवी लक्ष्मी की पूजा की परंपरा है। महिलाएं इस दिन देवी लक्ष्मी के साथ-साथ हाथी की पूजा भी करती हैं, इसलिए इस व्रत का एक नाम हाथी पूजन भी है। इस बार महालक्ष्मी व्रत 3 अक्टूबर, शनिवार को किया जाएगा। मान्यता है कि महालक्ष्मी व्रत करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। आगे जानिए महालक्ष्मी व्रत में हाथी पूजा कैसे करें, महत्व व अन्य बातें…

हाथी पूजन 2026 के शुभ मुहूर्त

सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:39 बजे तक
दोपहर 12:15 बजे से 1:44 बजे तक
दोपहर 3:12 बजे से शाम 4:40 बजे तक

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महालक्ष्मी व्रत में कैसे करें हाथी की पूजा?

- महालक्ष्मी व्रत में पहले देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इसके बाद हाथी की पूजा का विधान है। हाथी पूजा के लिए बाजार से मिट्टी से बनी हाथी की प्रतिमा लेकर आएं।
- हाथी को कुंकुम से तिलक करें, चावल लगाएं और अबीर-गुलाल आदि चीजें एक-एक करके चढ़ाएं। फूलों की माला भी अर्पित करें। शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
- इस व्रत में हाथी को हल्दी लगी हुई दूर्वा चढ़ाने का विशेष महत्व है। हाथी पूजन के लिए घर पर ही बेसन से हार, बाजूबंद व अन्य आभूषण बनाए जाते हैं।
- इन्हें भी हाथी को अर्पित करें। इसके बाद 16 दीपक जलाकर देवी लक्ष्मी और हाथी की आरती करें। बाद हाथी की प्रतिमा को पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें।

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महालक्ष्मी व्रत में क्यों करते हैं हाथी की पूजा?

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन से मां लक्ष्मी के साथ कई दिव्य वस्तुएं और जीव प्रकट हुए थे। इनमें ऐरावत हाथी का भी उल्लेख मिलता है। ऐरावत को भगवान इंद्र का दिव्य हाथी माना जाता है। इसी वजह से हाथी को देवी लक्ष्मी और समृद्धि से जुड़ा हुआ माना जाता है। धार्मिक परंपराओं में हाथी को शक्ति, स्थिरता और संपन्नता का प्रतीक भी माना गया है। महालक्ष्मी व्रत के दौरान हाथी की पूजा करके लोग घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की कामना करते हैं। मान्यता है कि गजराज का पूजन करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है।


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