होलाष्टक के 8 दिनों में क्या करें-क्या नहीं? यहां जानें सभी नियम

Published : Feb 23, 2026, 01:26 PM IST
होलाष्टक

सार

Holashtak Kya Hota Hai: होली से पहले के 8 दिनों को होलाष्टक कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में इसे अशुभ समय माना गया है, इसलिए इन 8 दिनों में शुभ कार्य करने की मनाही है। जानें इस बार कब से शुरू होगा होलाष्टक?

Holashtak Kab Se Hai 2026: धर्म ग्रंथों के अनुसार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से पूर्णिमा तक का समय होलाष्टक कहलाता है। ये होली से पहले के 8 दिन होते हैं। ये समय अशुभ माना जाता है इसलिए इस दौरान कोई भी शुभ कार्य जैसे विवाह आदि नहीं किए जाते। होलाष्टक से जुड़े और भी नियम व परंपराएं हैं जो इसे और भी खास बनाते हैं। होलाष्टक से जुड़ी रोचक मान्यताएं भी हैं। आगे जानिए इस बार कब से शुरू होगा होलाष्टक, इस दौरान कौन-से काम करें और कौन-से काम न करें…

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कब से शुरू होगा होलाष्टक 2026?

पंचांग के अनुसार इस बार होलाष्टक की शुरूआत 24 फरवरी, मंगलवार से होगी जो 3 मार्च, मंगलवार तक रहेगा। खास बात ये है कि होलाष्टक के अंतिम दिन यानी 3 मार्च को साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण भी होगा। होलाष्टक के अंतिम दिन चंद्र ग्रहण का संयोग कईं दशकों में एक बार बनता है।

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होलाष्टक में क्या करें?

1. होलाष्टक के दौरान भक्त प्रह्लाद ने भगवान विष्णु की पूजा की थी, इसलिए इस दौरान हमें भी भगवान विष्णु की पूजा और मंत्र जाप आदि करना चाहिए। इससे हमारी परेशानियां दूर हो सकती हैं।
2. अगर आप पैसों की तंगी से परेशान हैं तो होलाष्टक के 8 दिनों में देवी लक्ष्मी की विशेष रूप से पूजा करें और श्रीसूक्त व ऋण मोचन मंगल स्तोत्र का पाठ करें।
3. होलिका पूजन भी होलाष्टक के दौरान ही किया जाता है। ये पूजा विधि-विधान से करना चाहिए इससे सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
4. होलाष्टक के 8 दिनों में अगर रुद्राष्टकं या महामृत्युंजय मंत्र का जप विधि-विधान से किया जाए तो सभी संकटों से मुक्ति मिलती है और आने वाले संकट भी टल जाते हैं।
5. होलाष्टक में नृसिंह भगवान की पूजा, आराधना और मंत्र जाप भी विशेष शुभ फल देने वाले माने गए हैं।

होलाष्टक में कौन-से काम न करें?

1. होलाष्टक के 8 दिनों में कोई भी शुभ कार्य जैसे- सगाई, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश आदि नहीं करना चाहिए, ऐसा करने से इनका शुभ फल नहीं मिलता।
2. कुछ विद्वानों का मानना है कि होलाष्टक में क्षौर कर्म नहीं करना चाहिए यानी ना तो बाल कटवाना चाहिए और न ही नाखून काटना चाहिए।
3. होलाष्टक के दौरान किसी भी तरह का नशा आदि करने से भी बचना चाहिए।
4. होलाष्टक में तामसिक भोजन जैसे मांस आदि का सेवन न करें।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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