
June 2026 Festival List: जून 2026 का चौथा सप्ताह धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है। इस सप्ताह लगातार तीन महत्वपूर्ण पर्व मनाए जाएंगे, जिनका सनातन धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। ये पर्व हैं- महेश नवमी, गायत्री जयंती और निर्जला एकादशी। महेश नवमी भगवान शिव को समर्पित हैं, वहीं गायत्री जयंती वेदमाता गायत्री को, वहीं निर्जला एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। आगे जानिए इन सभी व्रत-त्योहारों की सही डेट…
ये भी पढ़ें-
दिलचस्प मान्यताएंः पति के घर से निकलते ही पत्नियां भूलकर भी न करें ये 7 काम
महेश नवमी का पर्व मुख्य रूप से माहेश्वरी समाज द्वारा मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति हुई थी। यह पर्व भगवान शिव को समर्पित है। इस बार महेश नवमी का पर्व 23 जून, मंगलवार को मनाया जाएगा। इस अवसर पर भगवान महेश यानी शिवजी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। देशभर में माहेश्वरी समाज द्वारा इस दिन विशेष धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
ये भी पढ़ें-
इन 4 स्थानों पर पत्नी को भूलकर भी साथ न ले जाएं, चाणक्य से जानें वजह
देवी गायत्री को वेदमाता कहा जाता है। हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गायत्री जयंती का पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी तिथि पर देवी गायत्री प्रकट हुईं थीं। इस बार गायत्री जयंती का उत्सव 24 जून, बुधवार को मनाया जाएगा। वेदों में गायत्री मंत्र को सबसे शक्तिशाली और पवित्र मंत्रों में से एक माना गया है। इस दिन श्रद्धालु गायत्री मंत्र का जाप, हवन और विशेष पूजा करते हैं।
धर्म ग्रंथों के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है। इसे सभी एकादशियों में सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इस व्रत में व्रती (व्रत करने वाला) पूरे दिन बिना जल पीए भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। मान्यता है कि निर्जला एकादशी का व्रत करने से वर्षभर की सभी एकादशियों के व्रत के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। इस दिन दान-पुण्य, जलदान और जरूरतमंदों की सहायता का विशेष महत्व बताया गया है। इसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं क्योंकि पाण्डु पुत्र भीम पूरे साल में सिर्फ यही एक एकादशी व्रत करते थे।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।