
Kajari Teej Famous Songs Lyrics: हर साल भाद्र पद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को कजरी तीज का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 31 अगस्त, सोमवार को मनाया जाएगा। ये उत्सव सिर्फ व्रत-पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोक संस्कृति, संगीत और परंपराओं का भी पर्व भी है। इस महिलाएं झूला झूलती हैं और गीत गाकर इस पर्व का आनंद लेती हैं। आगे पढ़ें कजरी तीज के कुछ फेमस गीत…
झुला झूल रही सब सखियां, आई कजरी तीज आज,
राधा संग में झूलें कान्हा झूमें अब तो सारा बाग,
झुला झूल रही सब सखियां, आई कजरी तीज आज,
नैन भर के रस का प्याला देखे, श्यामा को नंद लाला,
घन बरसे उमड़-उमड़ के देखो नृत्य करे बृज बाला,
छमछम करती ये पायलियां खोले मन के सारे राज,
झुला झूल रही सब सखियां, आई कजरी तीज आज।
ये भी पढ़ें-
Kajari Teej Vrat Katha: शिव-पार्वती की कृपा से कैसे बदली ब्राह्मण की किस्मत? पढ़ें कजरी तीज की ये रोचक कथा
अम्मा मेरी रंग भरा जी, ए जी कोई आई हैं कजरी तीज।
घर-घर झूला झूलें कामिनी जी, बन बन मोर पपीहा बोलता जी।
एजी कोई गावत गीत मल्हार,भादौ आया…
कोयल कूकत अम्बुआ की डार पें जी, बादल गरजे, चमके बिजली जी।
एजी कोई उठी है घटा घनघोर, थर-थर हिवड़ा अम्मा मेरी कांपता जी।
ये भी पढ़ें-
Kajari Teej 2026 Date: कजरी तीज 31 अगस्त को, जानें पूजा विधि, मंत्र और शुभ महूर्त
छाई घटा घनघोर बन में, बोलन लागे मोर।
रिमझिम पनियां बरसै जोर मोरे प्यारे बलमू।।
धानी चद्दर सिंआव, सारी सबज रंगाव।
वामें गोटवा टकाव, मोरे बारे बलमू।।
मैं तो जइहों कुंजधाम, सुनो कजरी ललाम।
जहाँ झूले राधे-श्याम, मोरे बारे बलमू।।
बलदेव क्यों उदास पुनि अइहौ तोरे पास।
मानो मोरा विसवास, मोरे बारे बलमू।।
हरि संग डारि-डारि गल बहियाँ झूलत बरसाने की नारि।
प्रेमानन्द मगन मतवारी सुधि बुधि सकल बिसारि।।
करि आलिंग प्रेमरस भीजत अंचल अलक उघारि।
टूटे बोल हिंडोल उठावति रुकि-रुकि अंग संवारि।।
श्रीधर ललित जुगल छबि ऊपर डारत तन-मन वारि।
हरि संग डाल-डाल गलबहियाँ, झूलत बरसाने की नारि।।
झूला झूलन हम लागी हो रामा, मिल गए साजनवा।
आज तलक हम किन्हीं न बतियाँ, साजन देखे घर की छतियां
नैना से नैना मिलाए न रामा, मिल गए साजनवा।
एक सखि मोरे ढिंग आई, आँख दिखा मोहे बात सुनाई
ऎसी क्यूं रूठी साजन से, फिर गए साजनवा।
मैं बोली सखि लाज की मारी, गोरी हँसती दे-दे तारी,
कैसी करूँ अब जतन बताय सखि, मिल जायें साजनवा।
धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।