
Sawan Somwar Puja Vidhi: भगवान शिव का प्रिय सावन मास कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है। इस महीने का अब एक ही सोमवार शेष है। सावन का अंतिम सोमवार होने से भी इसका विशेष महत्व माना जा रहा है। इस दिन शिवजी के मंदिरों में शिव भक्तों की काफी भीड़ उमड़ेगी। इस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करने से आपकी हर इच्छा पूरी हो सकती है। आगे जानिए कब है सावन 2026 का अंतिम सोमवार, जलाभिषेक का मुहूर्त व उपाय…
इस बार सावन में 4 सोमवार का संयोग बना है। इनमें से 3 सोमवार निकल चुके हैं। सावन का अंतिम सोमवार 24 अगस्त को पड़ रहा है। इस दिन प्रीति और आयुष्मान नाम के 2 शुभ योग दिन भर रहेगें, वहीं सिंह राशि में बुध और सूर्य के साथ होने से बुधादित्य नाम का राजयोग भी रहेगा। इन शुभ योगों के चलते सावन के अंतिम सोमवार का महत्व और भी बढ़ गया है।
वैसे तो सावन सोमवार को पूरे दिन शिवलिंग का जलाभिषेक किया जा सकता है लेकिन अगर ये काम शुभ मुहूर्त में किया जाए तो और भी अधिक शुभ फल मिलते हैं। 24 अगस्त को जलाभिषेक के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं-
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:34 से 05:22 तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:04 से 12:54 तक
अमृत काल: दोपहर 03:06 से शाम 04:53 तक
प्रदोष काल: शाम 06:55 से 07:15 तक
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- सावन सोमवार की सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
- ऊपर बताए शुभ मुहूर्त में शिवलिंग का साफ जल से अभिषेक करें। दूध से अभिषेक करने के बाद फिर जल चढ़ाएं।
- शिवलिंग के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं और बेलपत्र, धतूरा, आंकड़े के फूल, भांग आदि चीजें अर्पित करें।
- इसके बाद कुछ देर ऊं नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें। शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ भी कर सकते हैं।
- भगवान महादेव को अपनी इच्छा अनुसार फल, मिठाई का भोग लगाएं और इच्छा पूर्ति के लिए प्रार्थना भी करें।
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1. शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए 108 बार ऊं नमः शिवाय का जाप करें। इससे आपकी हर इच्छा पूरी हो सकती है।
2. धन लाभ के लिए जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार अन्न या वस्त्र का दान करें।
3. जल्दी विवाह के लिए शिव-पार्वती की एक साथ पूजा करें और माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित करें।
4. मानसिक शांति के लिए शिवलिंग पर जल अर्पित करें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
5. किसी गौशाला में हरे चारे का दान करें।
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