
Mahashivratri Puja Samagri Detail: महादेव की पूजा के लिए वैसे तो अनेक व्रत-उत्सव मनाए जाते हैं लेकिन इन सभी में महाशिवरात्रि सबसे प्रमुख है। इस बार ये पर्व 15 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा। इस पर्व में दिन के साथ रात में शिवजी की पूजा का विधान है। इस पूजन में बहुत सारी चीजों की आवश्यकता होती है। पूजा शुरू होने से पहले ही इन चीजों को एक स्थान पर एकत्रित कर लेना चाहिए ताकि कोई चीज छूट न जाए। आगे जानिए महाशिवरात्रि पूजन सामग्री की डिटेल…
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अभिषेक के लिए- शुद्ध जल, गाय का दूध बिना उबला, शहद, घी, दूध, दही, गन्ने का रस आदि
पूजन के लिए- रक्षासूत्र, सफेद वस्त्र, पीली सरसों, शमी के पत्ते, बिल्व पत्र, घी, शक्कर, पान के पत्ते, सुपारी, लौंग, कुमकुम, धूप बत्ती, धतूरा, आकंड़े के फूल, आम का पत्ता, सभी प्रकार के फूल (केतकी को छोड़कर)
भोग के लिए- नारियल, भांग, शुद्धतापूर्वक बनाई गई मिठाई, मौसमी फल, पंचमेवा आदि
अन्य पूजन सामग्री- दीपक, गाय का घी, गंगाजल, तिल, जौ, चंदन, रुद्राक्ष, चावल, कुश का आसन, पीली सरसों, शमी के पत्ते, हवन सामग्री, हवन कुंड आदि
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महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के साथ देवी पार्वती की पूजा भी की जाती है। बिना देवी पार्वती के शिवजी की पूजा का पूरा फल नहीं मिलता। आगे जानिए देवी पार्वती के लिए पूजन सामग्री-
सुहाग का सामग्री- मेहंदी, कुमकुम, चावल, महावर, लाल चूड़ी, लाल बिंदी, लाल चुनरी, बिछिया, काजल, कांच, कंघा, तेल, मंगलसूत्र आदि।
1. महाशिवरात्रि पर रात्रि पूजन का नियम है लेकिन आमजन दिन में भी शुभ मुहूर्त में पूजन कर सकते हैं।
2. व्रती (व्रत करने वाला) को रात में सोना नहीं चाहिए। रात भर जागकर शिवजी के मंत्रों का जाप करना चाहिए।
3. जो लोग महाशिवरात्रि का व्रत करते हैं, उन्हें इस दिन किसी की निंदा या जुगली नहीं करना चाहिए और न ही किसी पर क्रोध करना चाहिए।
4. व्रती को अगले दिन यानी 16 फरवरी, सोमवार को महाशिवरात्रि व्रत का पारण जरूर करना चाहिए।
5. महाशिवरात्रि के दिन तन और मन से पूरी तरह से सात्विक व्यवहार करें।
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