
Navratri Hawan Full Details In Hindi: चैत्र मास की नवरात्रि की अंतिम तिथि यानी नवमी बहुत खास होती है। इस दिन देवी सिद्धिदात्री की पूजा का विधान है। बहुत से लोग इस दिन नवरात्रि परायण भी कहते हैं जिसमें हवन भी किया जाता है। जो लोग अपने घरों में देवी प्रतिमा या अखंड ज्योति जलाते हैं, उन्हें हवन जरूर करना चाहिए। इस बार चैत्र नवरात्रि की अंतिम तिथि 27 मार्च, शुक्रवार को है। ये तिथि हवन के लिए श्रेष्ठ है। आगे जानें नवरात्रि हवन की विधि, शुभ मुहूर्त व मंत्र…
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- सुबह 11:13 से दोपहर 01:41 तक (श्रेष्ठ मुहूर्त)
- दोपहर 12:07 से 12:56 तक (अभिजीत मुहूर्त)
- शाम 05:05 से 06:36 तक
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काला तिल, गाय का घी, लौंग, इलायची, गुग्गल, पीपल की छाल, लाल कलावा (पूजा का धागा), 1 सूखा नारियल, आम की सूखी लकड़ियां, जौ, शक्कर, अश्वगंधा, ब्राह्मी, मुलैठी की जड़, चंदन की लकड़ी, बेल, नीम, कर्पूर, चावल, गूलर की छाल
- नवरात्रि हवन से पहले देवी मां की पूजा करें। हवन किसी साफ स्थान पर करें। इस स्थान पर गंगाजल या गौमूत्र छिड़ककर उसे पवित्र करें।
- पूरी हवन सामग्री को एक बड़े बर्तन में डालकर अच्छी तरह स मिला लें। तय मापदंड के अनुसार हवन कुंड तैयार करें, इस पर स्वस्तिक बनाएं।
- हवन कुंड में आम की सूखी लकड़ियां जमाकर कर्पूर से इन्हें जला लें। अब अग्नि ठीक से प्रज्वलित हो जाए तो इसमें हवन सामग्री डालें।
- हवन सामग्री डालते समय नीचे लिखे मंत्र बोलते रहें-
ओम आग्नेय नम: स्वाहा
ओम गणेशाय नम: स्वाहा
ओम गौरियाय नम: स्वाहा
ओम नवग्रहाय नम: स्वाहा
ओम दुर्गाय नम: स्वाहा
ओम महाकालिकाय नम: स्वाहा
ओम हनुमते नम: स्वाहा
ओम भैरवाय नम: स्वाहा
ओम कुल देवताय नम: स्वाहा
ओम स्थान देवताय नम: स्वाहा
ओम ब्रह्माय नम: स्वाहा
ओम विष्णुवे नम: स्वाहा
ओम शिवाय नम: स्वाहा
ओम जयंती मंगलाकाली, भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवाधात्री स्वाहा
स्वधा नमस्तुति स्वाहा
- इसके बाद ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डयै विच्चै नमः स्वाहा मंत्र बोलकर 108 बार आहुति दें। अंत में सूखे नारियल पर लाल कलावा बांधकर इसे अग्निकुंड में डाल दें।
- नीचे लिखे मंत्र बोलते हुए पुन: आहुति दें…
ओम पूर्णमद: पूर्णमिदम् पुर्णात पूण्य मुदच्यते, पुणस्य पूर्णमादाय पूर्णमेल विसिस्यते स्वाहा
(शेष जितनी भी हवन सामग्री है, उसे अग्नि कुंड में डाल दें।)
- हवन पूरा होने के बाद आरती करें और कोई मनोकामना है तो माता से प्रार्थना करें। इस तरह नवरात्रि हवन करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
Disclaimer
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