Pitru Paksha 2026: 1 या 2 अक्टूबर, कब है कुंवारा पंचमी? जानें महत्व और श्राद्ध विधि

Published : Sep 28, 2026, 10:50 AM IST
Pitru Paksha 2026

सार

Kunwara Panchami 2026: इस साल पितृ पक्ष की शुरुआत 26 सितंबर से हुई है और इसका समापन 10 अक्टूबर को होगा। इस दौरान अलग-अलग तिथियों पर पितरों का श्राद्ध किया जाता है।

Kunwara Panchami 2026 Kab Hai: पितृ पक्ष की पंचमी तिथि उन अविवाहित परिजनों को समर्पित मानी जाती है, जिनकी मृत्यु अविवाहित स्थिति में हुई हो। इसी वजह से पितृ पक्ष की पंचमी को कुंवारा पंचमी के नाम से जाना जाता है। धर्म ग्रंथों में भी इस तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। आगे जानिए इस बार कुंवारा पंचमी कब है, इसका महत्व और श्राद्ध विधि…

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कब है कुंवारा पंचमी 2026?

पंचांग के अनुसार, इस बार पंचमी तिथि का सूर्योदय 1 अक्टूबर, गुरुवार को होगा। इसलिए पंचमी तिथि का श्राद्ध भी इसी दिन किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पंचमी श्राद्ध का फल गया और पुष्कर में किए गए श्राद्ध के समान माना गया है। महाभारत में भी पंचमी तिथि के श्राद्ध से योग्य संतान की प्राप्ति का उल्लेख मिलता है।

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कुंवारा पंचमी पर कैसे करें श्राद्ध?

- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद श्राद्ध करने वाली जगह को साफ करके गंगाजल से पवित्र करें। परंपरा के अनुसार, स्थान को गोबर से भी लीपा जा सकता है।
- घर के आंगन में रंगोली बनाएं। मान्यता है कि इससे पितर प्रसन्न होते हैं। घर की महिलाएं स्नान आदि करके पितरों के लिए भोजन तैयार करें। श्राद्ध के भोजन में खीर जरूर शामिल करें।
- इस दिन भोजन के लिए किसी अविवाहित ब्राह्मण को आमंत्रित करने की परंपरा है। ब्राह्मण के मार्गदर्शन में श्राद्ध की बाकी विधियां पूरी करें और पूरे समय पितरों का स्मरण करें।
- पितरों के नाम से अग्नि में खीर और दूसरे भोजन पदार्थ थोड़ी-थोड़ी मात्रा में अर्पित करें। इसके बाद गाय, कुत्ते, कौए और अतिथि के लिए भोजन का हिस्सा अलग निकालें।
- श्राद्ध की विधि पूरी होने के बाद ब्राह्मण को सम्मानपूर्वक भोजन कराएं। उन्हें अपनी सामर्थ्य के अनुसार वस्त्र, बर्तन, छाता और दक्षिणा दें। इसके बाद आदर के साथ उन्हें घर के दरवाजे तक छोड़कर आएं।
- धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस तरह कुंवारा पंचमी पर श्राद्ध करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। माना जाता है कि पितरों की कृपा से घर में सुख-समृद्धि भी आती है।


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इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

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