
उज्जैन. 28 अक्टूबर, शनिवार को शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का संयोग 18 साल बाद बन रहा है। चंद्रण का सूतक काल शाम 4 बजे से शुरू हो जाएगा। ऐसा होते ही देश भर के मंदिरों में पट बंद कर दिए जाएंगे और कोई भी मंदिर में प्रवेश नहीं कर पाएंगा, लेकिन उज्जैन के महाकाल मंदिर में ऐसा नहीं होगा। जानिए सूतक काल के दौरान महाकाल मंदिर में भक्त कैसे दर्शन कर पाएंगे?
खुले रहेंगे महाकाल मंदिर के पट
मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकाल मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। 28 अक्टूबर को होने वाले चंद्र ग्रहण का सूतक शाम 4 बजे से शुरू हो जाएगा। इस दौरान महाकाल मंदिर के पट खुले रहेंगे, लेकिन कोई भी गर्भगृह में प्रवेश नहीं कर पाएगा और न हीं कोई शिवलिंग का स्पर्श कर पाएगा। इस दौरान भक्त गणेश मंडप से महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन आसानी से कर पाएंगे।
कब बंद होंगे महाकाल मंदिर के पट?
पुजारी पं.महेश पुजारी के अनुसार, सूतक काल में मंदिर के पट बंद करने की परंपरा महाकाल मंदिर में नहीं है। रात को जब चंद्र ग्रहण हो रहा होगा, उस समय भगवान का शयन रहेगा यानी मंदिर के पट बंद रोज की तरह बंद ही रहेंगे। इसलिए इस चंद्र ग्रहण का महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं में कोई परिवर्तन नहीं होगा। अगली सुबह मंदिर की साफ-सफाई के बाद ही दर्शन व्यवस्था शुरू की जाएगी।
29 अक्टूबर से बदलेगा महाकाल मंदिर में आरती का समय
उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में मौसम के अनुसार, आरती के समय में आंशिक परिवर्तन की परंपरा है। इस बार 29 अक्टूबर, रविवार से कार्तिक मास शुरू हो जाएगा, जिसके चलते महाकालेश्वर मंदिर में आरती का समय बदल जाएगा। ये व्यवस्था फाल्गुन पूर्णिमा यानी होली तक रहेगी। जानें महाकाल मंदिर में आरती का परिवर्तित समय…
प्रथम आरती भस्मार्ती - प्रात: 4 से 6 बजे तक
द्वितीय आरती दद्योदक -प्रात: 7:30 से 8:15 बजे तक
तृतीय भोग आरती- प्रात: 10:30 से 11:15 बजे तक
चतुर्थ संध्याकालीन पूजन- सायं 5 से 5:45 बजे तक
पंचम संध्या आरती- सायं 6:30 से 07:15 बजे तक
शयन आरती- रात्रि 10:30 से 11:00 बजे तक
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