
उज्जैन. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, एक महीने में 2 एकादशी तिथि आती है यानी साल में कुल 24 एकादशी। इन सभी एकादशी का नाम और महत्व अलग-अलग है। इसी क्रम में माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी (Jaya Ekadashi 2023 Upay) कहते हैं। इस बार ये एकादशी 1 फरवरी, बुधवार को है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, इस दिन यदि कुछ खास काम किए जाएं तो भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है और परेशानियां दूर होती हैं। आगे जानिए इन कामों के बारे में…
किसी मंदिर में ध्वज दान करें
जया एकादशी पर किसी विष्णु मंदिर में दर्शन करने जाएं और वहां केसरिया ध्वज का दान करें। पुजारी से अनुरोध करें कि उपयुक्त समय आने पर वो ये ध्वज मंदिर के शिखर पर जरूर लगाए। अपनी इच्छा के अनुसार, पुजारी को दान-दक्षिणा भी जरूर दें। इस उपाय से शीघ्र ही आपकी समस्याओं का समाधान हो सकता है।
पीपल का पौधा रोपें
जया एकादशी पर अपने घर के आस-पास या अन्य किसी उपयुक्त स्थान पर पीपल का पौधा रोपें और प्रतिदिन इस पर जल चढ़ाएं। धर्म ग्रंथों में पीपल को पूजनीय वृक्ष माना गया है और इसे भगवान विष्णु का स्वरूप मानकर इसकी पूजा भी की जाती है। एकादशी पर इसका पौधा लगाने से हर तरह की दुख-कष्ट दूर हो सकते हैं।
पीले फलों का दान करें
जया एकादशी पर किसी मंदिर में अपनी शक्ति के अनुसार पीले फलों का भोग लगाएं। ये पीले फल केले आदि कोई भी हो सकते हैं और बाद में इसे जरूरतमंदों को दान कर दें। भगवान विष्णु को पीतांबरधारी कहते हैं, यानी इन्हें ये रंग काफी प्रिय है। इस रंग के फलों का दान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं।
तुलसी की पूजा जरूर करें
एकादशी पर तुलसी की पूजा भी जरूर करना चाहिए, लेकिन इस दिन इस पर जल न चढ़ाएं। मान्यता है कि एकादशी तिथि पर तुलसी भी भगवान विष्णु के निमित्त व्रत रखती है, इसलिए इस दिन जल न चढ़ाते हुए सिर्फ शुद्ध घी का दीपक लगाएं और तुलसी नामाष्टक का पाठ करें। इससे घर में सुख-शांति बनी रहेगी।
भगवान विष्णु का अभिषेक करें
शुभ फल पाने के लिए जया एकादशी भगवान विष्णु की प्रतिमा का शुद्ध जल से अभिषेक करें। चाहें तो इस जल में थोड़ी हल्दी या केसर मिला सकते हैं। इस उपाय से गुरु ग्रह से संबंधित दोष दूर होते हैं और हर तरह की परेशानी से राहत मिलती है। ये उपाय बहुत ही आसान और कारगर है।
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