Bhai Dooj Ki Katha: क्यों मनाते हैं भाई दूज? जानें कथा और शुभ मुहूर्त

Published : Nov 01, 2024, 08:40 AM ISTUpdated : Nov 03, 2024, 08:04 AM IST
bhai dooj 2024

सार

Bhai Dooj 2024: दिवाली उत्सव के अंतिम दिन भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। इसे यम द्वितिया भी कहते हैं। ये पर्व भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक है। इस बार ये पर्व 3 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। 

Bhai Dooj 2024 Shubh Muhurat: दिवाली उत्सव 5 दिनों तक मनाया जाता है। दिवाली उत्सव के अंतिम दिन भाई दूज का पर्व मनाने की परंपरा है। इस पर्व में बहन अपने भाई को घर बुलाकर भोजन करवाती हैं और तिलक लगाकर उसकी लंबी उम्र और खुशहाली के लिए प्रार्थना करती हैं। इस बार ये पर्व 3 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। भाई दूज का पर्व क्यों मनाते हैं, इसे लेकर धर्म ग्रंथों में एक कथा मिलता है, जो इस प्रकार है-

ये है भाई दूज की कथा (Bhai Dooj Ki Katha In Hindi)

धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान सूर्य देव की अनेक संतान हैं। इनमें यमराज और यमुना भी शामिल हैं। यमराज यमलोक के स्वामी हैं और प्राणियों के उनके अच्छे-बुरे कर्मों का फल देते हैं। वहीं यमुना नदी स्वरूप में धरती पर निवास करती हैं। एक बार यमराज को अपनी बहन यमुना की बहुत याद आई।
यमुना से मिलने के लिए स्वयं यमराज धरती पर आए। जब यमुना ने अपने भाई को घर आया देखा तो वो बहुत खुश हुई और यमराज के लिए तरह-तरह के पकवान बनाए साथ ही तिलक लगाकर उनका स्वागत भी किया। बहन का इतना प्यार देखकर यमराज ने यमुना से वरदान मांगने को कहा।
तब यमुना ने वरदान मांगा कि जो भी प्राणी कार्तिक शुक्ल द्वितिया तिथि को अपनी बहन के घर जाकर भोजन करे और तिलक लगवाए उसे यम यातना नहीं होनी चाहिए और उसके घर में सुख-समृद्धि बनी रहनी चाहिए। यमराज ने यमुना को ये वरदान दे दिया। तभी से भाई दूज का पर्व मनाया जा रहा है।

ये हैं भाई दूज के शुभ मुहूर्त (Bhai Dooj 2024 Shubh Muhurat)

इस बार भाई दूज का पर्व 3 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं-
- सुबह 11:48 से दोपहर 12:32 तक
- दोपहर 01:10 से 03:22 तक
- शाम 05:43 से 07:20 तक
- शाम 07:20 से 08:57 तक


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इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

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